Key Highlights

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केरल में एक चुनावी रैली के दौरान 'अनपढ़ गुजराती' संबंधी टिप्पणी की।
  • इस बयान के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
  • भाजपा ने खड़गे की टिप्पणी को गुजरातियों का अपमान करार देते हुए इसे आगामी चुनावों से जोड़ा है, जिससे राजनीतिक गर्माहट बढ़ गई है।

खड़गे की 'अनपढ़ गुजराती' टिप्पणी ने बढ़ाया विवाद

केरल में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक ऐसी टिप्पणी कर दी है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने कथित तौर पर गुजरातियों के बारे में 'अनपढ़' शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद भाजपा ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में चुनावी माहौल चरम पर है और नेताओं के हर शब्द को बारीकी से देखा जा रहा है।

गुजरात के शीर्ष नेतृत्व ने जताई कड़ी आपत्ति

खड़गे के बयान पर गुजरात में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने इस टिप्पणी को गुजरातियों का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान गुजरात और उसके मेहनती लोगों के प्रति उनकी पार्टी की पुरानी मानसिकता को दर्शाता है। पटेल ने जोर देकर कहा कि गुजरातियों ने हमेशा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उन्हें इस तरह से संबोधित करना अस्वीकार्य है।

उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने भी खड़गे के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से गुजरात और गुजरातियों को नीचा दिखाने का प्रयास करती रही है। नितिन पटेल ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'फूट डालो और राज करो' के सिद्धांत पर चलते हुए, अब खड़गे भी ऐसी अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने इसे आगामी चुनावों से पहले एक हताशा भरा बयान करार दिया, जो कांग्रेस की निराशा को दर्शाता है।

भाजपा ने साधा निशाना, मांगी माफी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस टिप्पणी को तुरंत लपक लिया और कांग्रेस अध्यक्ष पर गुजरातियों का अपमान करने का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ताओं ने मल्लिकार्जुन खड़गे से तत्काल माफी मांगने की मांग की है। उनका कहना है कि यह टिप्पणी सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेताओं की जन्मभूमि का अपमान है, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने कांग्रेस पर हमेशा से गुजरात विरोधी होने का आरोप भी दोहराया, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

खड़गे की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी एक नई बहस छिड़ गई है। यूजर्स और राजनीतिक विश्लेषक इस बयान के निहितार्थों पर चर्चा कर रहे हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक बयानबाजी का एक हिस्सा बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे एक राज्य के नागरिकों के प्रति अपमानजनक मान रहे हैं। आजकल, सोशल मीडिया पर कोई भी टिप्पणी बहुत तेजी से फैल जाती है, जैसा कि हाल ही में यूपी में साइबर सेंधमारी पर लगाम: इंस्टाग्राम पर 'आपत्तिजनक' वीडियो पोस्ट करने वाले तीन गिरफ्तार जैसी घटनाओं में भी देखने को मिला है। इस बयान के राजनीतिक असर दूरगामी हो सकते हैं, खासकर जब कई राज्यों में विधानसभा चुनाव और आगामी लोकसभा चुनाव नजदीक हैं।

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मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान को आप किस नज़रिए से देखते हैं? क्या यह राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है या गुजरातियों का अपमान?

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