Key Highlights

  • जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पाकिस्तानी आतंकियों की तलाश 56 घंटे से जारी।
  • सेना, पुलिस और पैरा कमांडो मिलकर सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं।
  • ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से घने जंगलों को खंगाला जा रहा है।

राजौरी के जंगलों में हाई-टेक घेराबंदी

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सुरक्षाबलों ने तीन पाकिस्तानी आतंकियों को घेरने के लिए 56 घंटे से भी अधिक समय से एक विशाल अभियान छेड़ रखा है। यह तलाश कड़ाके की ठंड और घने जंगलों के बीच चल रही है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और पैरा कमांडो के विशेष दल इस ऑपरेशन में सक्रिय हैं। पूरे इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

ड्रोन और हेलीकॉप्टर का बेजोड़ तालमेल

जमीनी बलों को मजबूत करने के लिए नवीनतम तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। आधुनिक ड्रोन लगातार आसमान से निगरानी कर रहे हैं। हेलीकॉप्टर नीची उड़ान भरते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। यह उच्च तकनीक वाली निगरानी आतंकियों के भागने के हर संभावित रास्ते को बंद कर रही है। सूत्र बताते हैं कि ये आतंकी हाल ही में सीमा पार से घुसपैठ करके आए हैं। इनका मकसद क्षेत्र में अशांति फैलाना है।

कड़ी चुनौती: घनघोर जंगल और दुर्गम इलाका

यह अभियान राजौरी के कंडी इलाके के बीहड़ और दुर्गम पहाड़ों में केंद्रित है। यहां घने जंगल हैं और कई प्राकृतिक गुफाएं भी हैं, जो आतंकियों के छिपने के लिए आदर्श मानी जाती हैं। सुरक्षा बल एक-एक चप्पा छान मार रहे हैं। पिछले कई घंटों से गोलीबारी की कोई खबर नहीं है, लेकिन तलाशी अभियान में कोई ढील नहीं दी गई है। सैनिकों ने हर संभावित ठिकाने पर नजर रखी हुई है।

सुरक्षाबलों की सतर्कता और स्थानीय समर्थन

क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षाबल लगातार मुस्तैद हैं। उनका फोकस न केवल आतंकियों को बेअसर करना है, बल्कि स्थानीय आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। स्थानीय लोग भी प्रशासन और सुरक्षाबलों के साथ सहयोग कर रहे हैं। ऐसे समय में जब पड़ोसी देश की भूमिका अक्सर सवालों के घेरे में रहती है, भारत अपने आंतरिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। क्षेत्रीय भू-राजनीति में अमेरिकी-ईरान तनाव में पाक की मध्यस्थता जैसे मामले भी सामने आते रहते हैं, लेकिन सीमा पार आतंकवाद एक अलग चुनौती है।

राजौरी में हाई अलर्ट

पूरे राजौरी और आस-पास के जिलों में हाई अलर्ट जारी है। नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षाबलों को देने का आग्रह किया गया है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी आतंकियों को ढूंढकर खत्म नहीं कर दिया जाता। यह भारतीय सेना की दृढ़ता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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राजौरी में चल रहे इस व्यापक तलाशी अभियान को आप किस नजरिए से देखते हैं? क्या आपको लगता है कि इस तरह के हाई-टेक ऑपरेशंस से सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह रोका जा सकता है? अपने विचार हमारे साथ साझा करें।

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