परिचय: जेद्दा टॉवर का महत्व
सऊदी अरब में जेद्दा टॉवर एक ऐसा निर्माणाधीन प्रोजेक्ट है, जिसे पूरा होने पर यह विश्व की सबसे ऊंची इमारत बन जाएगा। वर्तमान में, यह परियोजना सऊदी बिन लादेन ग्रुप द्वारा संचालित की जा रही है, जिसे लगभग पांच साल के ठहराव के बाद फिर से शुरू किया गया है।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें
इस परियोजना की कुछ महत्वपूर्ण बातें निम्नलिखित हैं:
- इमारत की ऊँचाई: 1,000 मीटर, जो इसे दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनाएगी।
- कुल निर्माण लागत: $2 बिलियन (सऊदी रियाल 7.2 बिलियन)।
- शेष निर्माण कार्य के लिए समय सीमा: 42 महीने।
- अब तक 63 मंजिलों का निर्माण पूरा हो चुका है, कुल 157 मंजिलें होंगी।
- बुर्ज खलीफा से 172 मीटर ऊंची होगी।
समझौता और वित्तीय जानकारी
इस परियोजना को फिर से शुरू करने के लिए किंगडम होल्डिंग कंपनी (KHC) ने जेद्दा इकॉनमिक कंपनी और सऊदी बिन लादेन ग्रुप के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते की कुल लागत $1.918 बिलियन है।
किंगडम होल्डिंग ने कहा है कि शेष निर्माण कार्य को वित्तपोषित करने के लिए आंतरिक फंडिंग और बैंक सुविधाओं का उपयोग किया जाएगा। अब तक परियोजना पर $293 मिलियन खर्च किए जा चुके हैं, जो पहले किए गए कार्यों के लिए दिए गए थे।
निर्माण कार्य की प्रगति
यह परियोजना एक बार रुकने के बाद, अब फिर से तेजी से आगे बढ़ रही है। 157 मंजिलों में से 63 मंजिलें पूरी हो चुकी हैं, और बाकी निर्माण कार्य को 42 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है।
कुल परियोजना का ब्योरा:
- जेद्दा इकॉनमिक सिटी का कुल क्षेत्रफल: 5.3 मिलियन वर्ग मीटर।
- पहले चरण का क्षेत्रफल: 1.3 मिलियन वर्ग मीटर।
- इस चरण में विद्युत, जल, सीवेज, बाढ़ जल निकासी, और इंटरनेट सुविधाएं पूरी हो चुकी हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महत्व और डिज़ाइन
यह टॉवर न केवल सऊदी अरब के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतीक होगा, बल्कि यह विश्व स्तर पर अपनी अनूठी डिज़ाइन और ऊंचाई के लिए पहचाना जाएगा। टॉवर का डिज़ाइन एड्रियन स्मिथ + गॉर्डन गिल आर्किटेक्चर द्वारा किया गया है, जो बुर्ज खलीफा का भी डिज़ाइन कर चुके हैं।
बुर्ज खलीफा से तुलना
जेद्दा टॉवर की ऊंचाई 1,000 मीटर होगी, जो दुबई के बुर्ज खलीफा से 172 मीटर ऊंची होगी। बुर्ज खलीफा की ऊंचाई वर्तमान में 828 मीटर है, और यह अभी तक दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है।
आगे की योजना
जेद्दा टॉवर का निर्माण कार्य सितंबर 2023 में फिर से शुरू हुआ। अगले तीन सालों में निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कई अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कंपनियों ने प्रोजेक्ट के लिए निविदा भरी है।