उत्तर प्रदेश के जिला बहराइच से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जरवल नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी खुशबू यादव पर पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और दबंगई का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने पत्रकारों को अपने कार्यालय में दो घंटे से अधिक इंतजार करवाया और अंत में मिलने से साफ इनकार कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला जरवल नगर पंचायत के एक पुराने जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है। स्थानीय निवासी मोहम्मद फारूक और साहबान का कहना है कि जिस जमीन पर उनका 1974 से कब्जा और दखल है, उसे अब तक नगर पंचायत के सरकारी अभिलेखों में दर्ज नहीं किया गया है।
मोहम्मद फारूक ने इस मामले में उच्च न्यायालय इलाहाबाद, खंडपीठ लखनऊ का दरवाजा भी खटखटाया था, और वहां से आदेश मिलने के बावजूद, अधिशासी अधिकारी खुशबू यादव ने अभी तक उस आदेश पर कोई कार्यवाही नहीं की।
फारूक के मुताबिक, अधिशासी अधिकारी कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में काम कर रही हैं, और निजी रंजिश के चलते उनके वैध कब्जे वाली जमीन को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जा रहा।
पत्रकारों के साथ अपमानजनक व्यवहार
14 अक्टूबर 2025 को क्रांतिकारी पत्रकार परिषद की एक टीम इस मामले को लेकर अधिशासी अधिकारी से मुलाकात करने उनके कार्यालय पहुँची। लेकिन बताया गया कि अधिकारी ने लगातार दो घंटे तक पत्रकारों को बाहर इंतजार करवाया।
इस दौरान तीन बार चपरासी के माध्यम से अधिकारी को संदेश भेजा गया कि “पत्रकार दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं”, लेकिन हर बार जवाब यही मिला कि “हमको अभी टाइम नहीं है”।
सरकार और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, उच्च न्यायालय ने भी ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाने के आदेश दिए हैं।
बावजूद इसके, जरवल नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी खुशबू यादव ने सरकारी आदेशों की खुलेआम अवहेलना करते हुए पत्रकारों से मिलने से मना कर दिया, जिससे स्थानीय पत्रकार समुदाय में गहरी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अधिशासी अधिकारी खुशबू यादव जनहित के मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही हैं और शिकायत करने पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। वहीं, कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।