मिलादुन्नबी या मौलिद, इस्लाम धर्म के आखिरी पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद मुस्तफा ﷺ के जन्म की याद में मनाया जाता है। यह दिन मुसलमानों के लिए बहुत ही पवित्र और रोशनी से भरपूर होता है। इस मौके पर नबी ﷺ की सीरत (जीवन गाथा) का बयान किया जाता है, नातें पढ़ी जाती हैं, दुआएँ की जाती हैं और गरीबों में खाना बाँटा जाता है।

यह दिन हमें दया, इंसाफ़, सच्चाई और इंसानियत के उस पैग़ाम की याद दिलाता है जो अल्लाह के रसूल ﷺ ने हमें दिया।