नोबेल कोरोनावायरस महामारी के दौरान उनके सामाजिक कार्यों ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई है। वे निरंतर सामाजिक कामों में अपना योगदान देते रहते हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान में वृद्धि होती है।