उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हाल ही में हुई हिंसा के दो आरोपियों का आज पुलिस द्वारा एनकाउंटर कर दिया गया। दोनों आरोपी, सरफराज और तालिब, नेपाल भागने की फिराक में थे। पुलिस इन पर कई दिनों से नजर रखे हुए थी और आज उनकी लोकेशन मिलने के बाद उन्हें ट्रैक किया गया और मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया।
पुलिस का दावा है कि सरफराज और तालिब दोनों ही बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की हत्या में शामिल थे। घटना वाले दिन इन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर रामगोपाल पर गोली चलाई थी। इस घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें अब्दुल हामिद के मकान की छत पर चार से पांच लोग नजर आ रहे हैं। इन्हीं लोगों ने कथित तौर पर रामगोपाल को गोली मारी थी।
एनकाउंटर की पूरी घटना
पुलिस के अनुसार, सरफराज और तालिब नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे। बहराइच पुलिस को जब उनकी लोकेशन का पता चला, तो उनके पीछे पुलिस टीम लगाई गई। अंततः एक मुठभेड़ में दोनों को गोली लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि यह मुठभेड़ एक रणनीतिक कार्रवाई का हिस्सा थी, जिसमें आत्मरक्षा में गोली चलाई गई।
बहराइच एसपी ने बताया, "दोनों आरोपियों पर पहले से ही कड़ी नजर रखी जा रही थी। घटना के दिन से ही पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए सक्रिय थी, और आज उन्हें पकड़ लिया गया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर हमला किया, जिसके बाद एनकाउंटर हुआ।"
परिवार का बयान
सरफराज और तालिब की बहन और उनके परिवार ने पहले ही एक वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया था कि उनके भाइयों का एनकाउंटर किया जा सकता है। रुखसार, जो कि अब्दुल हामिद की बेटी हैं, ने एक वीडियो संदेश में कहा:
परिवार के इस बयान ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और यह दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को निशाना बनाया है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि यह एनकाउंटर पूरी तरह से कानूनी और उचित प्रक्रिया के तहत किया गया।