Key Highlights

  • UPSC CSE प्रीलिम्स 2026 के CSAT पेपर 2 में रीजनिंग खंड चुनौतीपूर्ण रहा।
  • गणित के प्रश्न काफी लंबे थे, जिन्हें हल करने में अतिरिक्त समय लगा।
  • कई उम्मीदवारों को समय प्रबंधन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का दूसरा पेपर, सामान्य अध्ययन पेपर-II (CSAT), आज संपन्न हुआ। प्रारंभिक विश्लेषणों से संकेत मिलता है कि इस वर्ष का CSAT पेपर उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। विशेष रूप से, रीजनिंग के प्रश्न अत्यधिक चुनौतीपूर्ण थे, जबकि संख्यात्मक योग्यता (क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड) खंड के प्रश्न लंबे और गणना-प्रधान थे, जिससे परीक्षार्थियों को समय प्रबंधन में काफी कठिनाई हुई।

देशभर के परीक्षा केंद्रों से मिली रिपोर्टों के अनुसार, कई उम्मीदवारों ने बताया कि रीजनिंग के सवालों में गहरी विश्लेषणात्मक क्षमता की आवश्यकता थी। ये प्रश्न सीधे नहीं थे, बल्कि उनमें जटिल तर्क और कई चरणों में सोचने की ज़रूरत पड़ रही थी। इससे न केवल प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगा, बल्कि कई अभ्यर्थियों को सही उत्तर तक पहुंचने में भी संदेह का अनुभव हुआ।

गणित के सवालों की लंबाई बनी बड़ी चुनौती

संख्यात्मक योग्यता खंड ने उम्मीदवारों की धैर्य और गति की अग्निपरीक्षा ली। इस खंड के प्रश्न अपनी लंबाई के लिए कुख्यात रहे। इनमें कई चरणों वाली गणनाएं शामिल थीं, जिन्हें पूरा करने में उम्मीद से कहीं ज़्यादा वक्त लग रहा था। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लंबे सवालों का उद्देश्य उम्मीदवारों की न केवल गणितीय क्षमता, बल्कि उनके दबाव में प्रदर्शन और समय सीमा के भीतर निर्णय लेने की क्षमता का भी आकलन करना था। पिछले कुछ वर्षों में भारत की बढ़ती ऊर्जा मांग पर भी ऐसे सवाल आ सकते हैं, जहाँ त्वरित निर्णय और डेटा विश्लेषण की आवश्यकता होती है। भारत की बढ़ती ऊर्जा मांग: कनाडा के लिए बड़ा मौका, कैसे उठाया जाएगा फायदा? जैसे विषयों पर जानकारी भविष्य के सिविल सेवकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

समझ खंड: आसान पर समय लेने वाला

पेपर 2 के समझ (कॉम्प्रिहेंशन) खंड को कुछ हद तक अपेक्षाकृत आसान बताया गया, लेकिन इसके गद्यांशों की लंबाई ने इसे भी समय लेने वाला बना दिया। उम्मीदवारों को गद्यांशों को ध्यान से पढ़ने, समझने और फिर सवालों के जवाब देने में काफी वक्त खर्च करना पड़ा। CSAT पेपर में पासिंग मार्क्स केवल 33% होते हैं, लेकिन इस तरह के चुनौतीपूर्ण पैटर्न ने कई उम्मीदवारों के लिए यह सीमा पार करना भी मुश्किल बना दिया है। आमतौर पर देखा गया है कि उम्मीदवार 'मुज़म्मिल नाम का अर्थ, इतिहास और व्यक्तित्व विश्लेषण' जैसे विषयों पर शोध करते हैं, लेकिन परीक्षा में प्रदर्शन का दबाव बिल्कुल अलग होता है।

परीक्षार्थियों पर प्रभाव और आगे की रणनीति

इस विश्लेषण से स्पष्ट है कि UPSC अब केवल ज्ञान का ही नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की गति, सटीकता और दबाव में प्रदर्शन की क्षमता का भी गंभीरता से परीक्षण कर रहा है। जिन उम्मीदवारों ने अच्छी तरह से अभ्यास नहीं किया था या जिन्होंने समय प्रबंधन की रणनीति नहीं बनाई थी, उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा होगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि भविष्य के उम्मीदवारों को न केवल विभिन्न विषयों पर अपनी पकड़ मजबूत करनी चाहिए, बल्कि नियमित रूप से मॉक टेस्ट देकर अपनी गति और सटीकता में भी सुधार करना चाहिए। यह पेपर कट-ऑफ पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि कई उम्मीदवारों को न्यूनतम योग्यता अंक प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है।

FAQ

  • UPSC CSE प्रीलिम्स 2026 CSAT पेपर 2 का समग्र कठिनाई स्तर क्या था?

    प्रारंभिक विश्लेषणों के अनुसार, CSAT पेपर 2 का समग्र कठिनाई स्तर 'मध्यम से कठिन' था, विशेषकर रीजनिंग और संख्यात्मक योग्यता खंड चुनौतीपूर्ण रहे।

  • CSAT पेपर 2 में समय प्रबंधन क्यों मुश्किल रहा?

    रीजनिंग के प्रश्नों की जटिलता और संख्यात्मक योग्यता के प्रश्नों की अत्यधिक लंबाई के कारण उम्मीदवारों को समय प्रबंधन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिससे कई प्रश्न छूट गए या जल्दबाजी में हल किए गए।

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