भारत में किराया पर रहने के बराबर मात्र महँगा हैं यूरोप के 4 देश, जानिए कितना कम पैसा में कट जाता हैं महीना

Cheap Europe countries for Indians: हर साल देश से लाखों लोग पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं. अधिकतर स्टूडेंट्स अमेरिका और यूरोप का रुख करते हैं. हालांकि, विदेश में जाकर हायर एजुकेशन हासिल करना सबके बस की बात नहीं है.   इसके पीछे की वजह विदेश में रहने और पढ़ने पर होने वाला खर्च है. […]

GulfHindiGulfHindi verified Bot Account ?
11 months ago - 19:00
 0  7
भारत में किराया पर रहने के बराबर मात्र महँगा हैं यूरोप के 4 देश, जानिए कितना कम पैसा में कट जाता हैं महीना
भारत में किराया पर रहने के बराबर मात्र महँगा हैं यूरोप के 4 देश, जानिए कितना कम पैसा में कट जाता हैं महीना

Cheap Europe countries for Indians: हर साल देश से लाखों लोग पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं. अधिकतर स्टूडेंट्स अमेरिका और यूरोप का रुख करते हैं. हालांकि, विदेश में जाकर हायर एजुकेशन हासिल करना सबके बस की बात नहीं है.

 

इसके पीछे की वजह विदेश में रहने और पढ़ने पर होने वाला खर्च है. यूरोपीय देशों में जाकर पढ़ाई करने का खर्च तो और भी ज्यादा है. यहां पर पढ़ने वाले Indian Students को एडमिशन के लिए लाखों रुपये की फीस भरनी होती है. इसके अलावा, पढ़ाई के दौरान वहां रहने पर भी खर्चा होता है.

भारतीय रुपये के मुकाबले तेजी से मजबूत यूरो की वजह से ये खर्च और भी बढ़ गया है. इस वजह से वहां पढ़ाई करने गए स्टूडेंट्स को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है. यूरोप में जाकर पढ़ाई करने की बात होती है, तो ब्रिटेन भारतीयों का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनकर उभरा है. हालांकि, ब्रिटेन के अलावा भी कई ऐसे यूरोपीय मुल्क ऐसे हैं, जहां कुछ टॉप यूनिवर्सिटीज तो हैं ही, साथ ही वहां पर पढ़ाई का खर्चा भी ज्यादा नहीं है. आइए ऐसे ही चार यूरोपीय देशों के बारे में जाना जाए.

 

देखें पढ़ाई के लिए सस्ते देशों की लिस्ट

 

  • जर्मनी: भारतीय स्टूडेंट्स के बीच जर्मनी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसके पीछे की वजह से जीरो ट्यूशन फीस और अफोर्डेबल लिविंग एक्सपेंस है. लंदन और पेरिस जैसे शहरों के मुकाबले जर्मनी के शहरों में रहना कम खर्चीला है. भले ही ट्यूशन फीस फ्री है, मगर एप्लिकेशन फीस, एनरॉलमेंट और प्रोसेसिंग फीस जैसा भुगतान करना होता है. ये फीस लगभग 250 यूरो के आसपास होती है. जर्मनी में एक महीने के रहने का खर्च 900 यूरो से थोड़ा ही अधिक है.

 

  • स्पेन: फुटबॉल और अपने महलों के अलावा स्पेन की पहचान अपनी यूनिवर्सिटीज के लिए भी होती है. स्पेन में बैचलर कोर्स के लिए एक साल की ट्यूशन फीस 150 यूरो तक है. ट्यूशन फीस यूनिवर्सिटी और प्रोग्राम के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. जर्मनी की तरह ही स्पेन में रहने का खर्च भी लगभग एकसमान है. आमतौर पर आपका जर्मनी में एक महीने का खर्चा 900 से 1100 यूरो के बीच होगा. मैड्रिड और बारसिलोना जैसे शहरों के अलावा काडिज, सैविल जैसे शहरों में रहने का खर्च तो 700 से 900 के बीच भी है.

 

  • हंगरी: पूर्वी यूरोप में मौजूद हंगरी में ट्यूशन फीस भले ही फ्री नहीं है. मगर यहां पर ट्यूशन फीस कम है और कई सारे स्कॉलरशिप भी ऑफर किए जाते हैं. पढ़ाई के मामले में हंगरी यूरोप के सबसे सस्ते देशों में से एक है. हंगरी में रहने का एक महीने का खर्चा 400 से 700 यूरो के बीच है. वहीं, ट्यूशन फीस 2000 से 4000 यूरोप के बीच हो सकता है. हालांकि, स्कॉलरशिप के जरिए इस फीस में भी छूट मिल जाती है.

 

  • बेल्जियम: यूरोप के छोटे मुल्कों में शुमार बेल्जियम इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए फेवरेट डेस्टिनेशन बना है. हालांकि, आपको इसके साइज पर नहीं जाना चाहिए, क्योंकि यहां स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटीज में कई सारे अवसर दिए जाते हैं. यहां पर रहने का खर्चा भी 1000 यूरो के आसपास ही है.
GulfHindi GulfHindi.com is a serious journalism effort in Mid-East focussing Arab GCC countries covering, Expats, Issues, Labour Laws, Local news and India/World headlines.