प्रेरणादायक शायरी: जुनून-ए-मंज़िल - Furkan S Khan
Furkan S Khan द्वारा लिखित प्रेरणादायक शायरी, जो आपको जीवन के हर संघर्ष में आगे बढ़ने और अपनी मंज़िल हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। जुनून और सुकून की तलाश।
राहों में गर काँटे बिछे हों, तो क्या हुआ,
मंज़िल की चाहत से दिल में, जुनून रहे।
तूफान चाहे जितना भी आए, डटे रहना,
जीतने की धुन में हमेशा, सुकून रहे।
Kaafiya जुनून, सुकून
Radeef रहे
F
Poetry ByFurkan S Khan
जो ठान ले तो कुछ भी नहीं नामुमकिन,
हर मुश्किल को झुका दे, ये तेरी हिम्मत है।
ना देख राहों की दुश्वारी, बस बढ़ता चल,
तेरी मंज़िल तेरी ही तो, अज़मत है।
Kaafiya हिम्मत, अज़मत
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
ये वक़्त है, ना इसको गवाओ बेकार में,
हर लम्हा एक नया अवसर, ये याद रहे।
जो सोया है, वो खोया है, ये सच जान लो,
जागो और बढ़ो, ये ज़िंदगी की मुराद रहे।
Kaafiya याद, मुराद
Radeef रहे
F
Poetry ByFurkan S Khan
जुनून-ए-मंज़िल
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: जुनून, सुकून | Radeef: रहे
राहों में गर काँटे बिछे हों, तो क्या हुआ,
मंज़िल की चाहत से दिल में, जुनून रहे।
तूफान चाहे जितना भी आए, डटे रहना,
जीतने की धुन में हमेशा, सुकून रहे।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: हिम्मत, अज़मत | Radeef: है
जो ठान ले तो कुछ भी नहीं नामुमकिन,
हर मुश्किल को झुका दे, ये तेरी हिम्मत है।
ना देख राहों की दुश्वारी, बस बढ़ता चल,
तेरी मंज़िल तेरी ही तो, अज़मत है।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: याद, मुराद | Radeef: रहे
ये वक़्त है, ना इसको गवाओ बेकार में,
हर लम्हा एक नया अवसर, ये याद रहे।
जो सोया है, वो खोया है, ये सच जान लो,
जागो और बढ़ो, ये ज़िंदगी की मुराद रहे।
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