प्रेम की खुशबू: फरकान एस खान की खूबसूरत क़ित'आ

फरकान एस खान द्वारा रचित 'प्रेम की खुशबू' एक मनमोहक क़ित'आ है जो प्रेम के जादू और जीवन में उसके महत्व को दर्शाती है।

Wednesday, August 26, 2026
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प्रेम की खुशबू: फरकान एस खान की खूबसूरत क़ित'आ
“प्रेम की खुशबू: फरकान एस खान की खूबसूरत क़ित'आ”
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26 August 2026
प्रेम की खुशबू: फरकान एस खान की खूबसूरत क़ित'आ
Qita
प्रेम की खुशबू हर साँस में मिल जाए, जीवन के हर पल में रंग भर जाए। ये ऐसा जादू है जो दिल को छू जाए, सारी दुनिया इसमें सिमट कर रह जाए।
Kaafiya मिल, भर, छू, रह Radeef जाए
F Poetry ByFurkan S Khan
Qita
इश्क़ वो नगमा है जो दिल में बजता जाए, हर धड़कन में मीठा एहसास भरता जाए। ये रूह का रिश्ता है, जो बढ़ता ही जाए, सारी कायनात इसमें सिमटती जाए।
Kaafiya बजता, भरता, बढ़ता, सिमटती Radeef जाए
F Poetry ByFurkan S Khan
Qita
मोहब्बत का रंग जब चढ़ जाए, हर सू बस खुशियाँ ही बिखर जाए। ये ऐसा दरिया है जो बहता जाए, हर प्यासे दिल की प्यास बुझ जाए।
Kaafiya चढ़, बिखर, बहता, बुझ Radeef जाए
F Poetry ByFurkan S Khan

प्रेम की खुशबू

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: मिल, भर, छू, रह  |  Radeef: जाए
प्रेम की खुशबू हर साँस में मिल जाए, जीवन के हर पल में रंग भर जाए। ये ऐसा जादू है जो दिल को छू जाए, सारी दुनिया इसमें सिमट कर रह जाए।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: बजता, भरता, बढ़ता, सिमटती  |  Radeef: जाए
इश्क़ वो नगमा है जो दिल में बजता जाए, हर धड़कन में मीठा एहसास भरता जाए। ये रूह का रिश्ता है, जो बढ़ता ही जाए, सारी कायनात इसमें सिमटती जाए।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: चढ़, बिखर, बहता, बुझ  |  Radeef: जाए
मोहब्बत का रंग जब चढ़ जाए, हर सू बस खुशियाँ ही बिखर जाए। ये ऐसा दरिया है जो बहता जाए, हर प्यासे दिल की प्यास बुझ जाए।

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Zainab Khatoon
लेखक

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