ईरान परमाणु समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान: 'ओबामा-युग के सौदे से बिल्कुल विपरीत होगा मेरा समझौता'
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते को ओबामा-युग के परमाणु समझौते से पूरी तरह अलग बताया है।
Key Highlights
- डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भी भविष्य के ईरान समझौते को ओबामा के JCPOA से 'बिल्कुल विपरीत' बताया।
- उन्होंने 2015 के परमाणु समझौते को 'विनाशकारी' करार दिया, जिससे वह 2018 में बाहर हो गए थे।
- पूर्व राष्ट्रपति सख्त शर्तों वाले नए समझौते की वकालत करते हैं।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी संभावित भविष्य के परमाणु समझौते को ओबामा प्रशासन के दौरान हुए ऐतिहासिक समझौते के 'बिल्कुल विपरीत' बताया है। उनका यह बयान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जारी तनाव के बीच आया है, जहां कूटनीति के भविष्य पर लगातार बहस छिड़ी हुई है। ट्रंप का यह रुख उनकी विदेश नीति की उस मुखर शैली को दर्शाता है, जिसके लिए वह जाने जाते हैं।
ओबामा-युग का JCPOA: एक विवादास्पद अध्याय
2015 में हुआ संयुक्त व्यापक कार्य योजना (Joint Comprehensive Plan of Action - JCPOA) ईरान और P5+1 देशों (चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता था। इसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाना और बदले में उस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देना था। हालांकि, यह समझौता अपने शुरुआती दिनों से ही काफी विवादास्पद रहा। घरेलू स्तर पर अमेरिका में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल जैसे देशों ने इसकी आलोचना की। ट्रंप ने इसे 'विनाशकारी' समझौता करार दिया था, जिसका समापन उनके 2018 में इससे पीछे हटने के साथ हुआ।
यह समाचार लेख AI तकनीक की सहायता से तैयार किया गया है, लेकिन सटीकता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए Vews News की संपादकीय टीम द्वारा इसकी समीक्षा की गई है। अधिक जानकारी के लिए मूल स्रोतों के लिंक नीचे दिए गए हैं।