इक्षु नाम संस्कृत मूल का एक अत्यंत दुर्लभ और अर्थपूर्ण नाम है, जिसका शाब्दिक अर्थ 'गन्ना' होता है। जैन धर्म में इस नाम का विशेष महत्व है क्योंकि यह प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभनाथ से जुड़ा है। भगवान ऋषभनाथ ने ही मानव जाति को कृषि, कला और शिल्प सिखाया था, जिसमें गन्ने की खेती भी शामिल थी। इक्षु इस प्रकार मिठास, पोषण, समृद्धि और जीवन के मूलभूत ज्ञान का प्रतीक है, जो जैन परंपरा के शाश्वत मूल्यों को दर्शाता है। यह नाम एक ऐसी विरासत का प्रतिनिधित्व करता है जो प्रकृति से जुड़ाव और जीवन को सरल व सार्थक बनाने के सिद्धांतों पर आधारित है।

अंक ज्योतिष के अनुसार, इक्षु नाम का अंक 6 है, जो प्रेम, सद्भाव और जिम्मेदारी का प्रतीक है। इस नाम वाली लड़कियां स्वभाव से अत्यंत दयालु, पोषण करने वाली और दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने वाली होती हैं। वे अपने परिवार और समाज के लिए एक मजबूत आधार स्तंभ बनती हैं, हमेशा शांति और संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती हैं। इनमें कलात्मकता और सौंदर्य की गहरी समझ होती है, जो उन्हें रचनात्मक और आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करती है। इक्षु नाम की लड़कियां जीवन में मिठास और सकारात्मकता फैलाने वाली होती हैं, ठीक वैसे ही जैसे गन्ना अपने रस से जीवन में मिठास घोलता है।