ईरान-अमेरिका तनाव के लाइव अपडेट: नवीनतम घटनाक्रम
ईरान-अमेरिका तनाव पर नवीनतम लाइव अपडेट प्राप्त करें। वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति और वैश्विक स्थिरता पर इसके संभावित प्रभाव को समझें।
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ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की मदद पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, चार देशों की 6 संस्थाओं पर प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को कथित समर्थन देने के आरोप में चीन, भारत, रूस और ईरान की छह संस्थाओं पर नए प्रतिबंध (Sanctions) लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य उन अवैध वित्तीय नेटवर्क को बाधित करना है, जिनके जरिए ईरानी शासन की सशस्त्र इकाइयों और क्षेत्र में उसकी कथित गतिविधियों को आर्थिक सहायता मिलती है। अमेरिका ने कहा कि वह ऐसे वित्तीय स्रोतों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।
'शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक पर ईरान का अधिकार, भरोसा प्रतिबंधों से नहीं संवाद से बनेगा
बयान में कहा गया है कि परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के सदस्य होने के नाते ईरान को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु तकनीक विकसित करने का अधिकार है। साथ ही यह भी कहा गया कि आपसी विश्वास केवल पारदर्शी और सत्यापित कूटनीतिक संवाद से बनाया जा सकता है, न कि केवल प्रतिबंधों, दबाव या अल्टीमेटम के माध्यम से। यह एक राजनीतिक/कूटनीतिक दृष्टिकोण है, स्थापित तथ्य नहीं।
सऊदी अरब ने जॉर्डन पर ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की, हरसंभव समर्थन का भरोसा
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जॉर्डन के खिलाफ ईरान की जारी आक्रामक कार्रवाइयों की कड़े शब्दों में निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब इस मुश्किल समय में जॉर्डन और उसकी जनता के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है तथा क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए हरसंभव समर्थन जारी रखेगा।
IRGC ने जारी किया मिसाइल हमले का वीडियो, अमेरिकी एयरबेस को बनाया निशाना
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दावा किया गया है कि उसकी नौसैनिक इकाइयों ने जॉर्डन के अल-अज़राक (Al Azraq) एयरबेस पर तैनात अमेरिकी विमानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागीं। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई क़ेश्म (Qeshm) द्वीप पर अमेरिकी हमलों, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी, के जवाब में की गई। हालांकि, ईरान के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।
सऊदी ने अमेरिका के साथ क्यों की जवाबी कार्रवाई? विशेषज्ञ ने बताई बड़ी वजह
सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ डॉ. हिशाम अलघन्नाम का कहना है कि सऊदी अरब के तेल ढांचे (ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर) पर हुए ड्रोन हमलों को बिना जवाब छोड़ा नहीं जा सकता था। उनके अनुसार, इसी कारण सऊदी अरब ने अमेरिका के साथ मिलकर इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर कार्रवाई की। उनका मानना है कि यह कदम देश की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए उठाया गया।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बना हुआ है। यह स्थिति न केवल मध्य-पूर्व के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इस ब्लॉग के माध्यम से हम आपको इस पूरे घटनाक्रम की हर छोटी-बड़ी जानकारी से रूबरू कराएंगे।
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