बहराइच में सोशल मीडिया वीडियो विवाद: धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में चार पर मुकदमा दर्ज
जनपद बहराइच के रानीपुर थाना क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले आपत्तिजनक सोशल मीडिया वीडियो को लेकर पुलिस ने चार व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
बहराइच में सोशल मीडिया वीडियो विवाद: धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में चार पर मुकदमा दर्ज
बहराइच (रानीपुर): उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच के थाना रानीपुर क्षेत्र में सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इन व्यक्तियों पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा और अपशब्दों का प्रयोग कर उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।
घटनाक्रम
यह मामला उस समय सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित होना शुरू हुआ, जिसमें कुछ व्यक्तियों द्वारा मुस्लिम समुदाय के प्रति अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353 (2) के तहत ऐसे बयान या रिपोर्ट बनाना या प्रकाशित करना जिसका उद्देश्य किसी धार्मिक, भाषाई या क्षेत्रीय समूहों के बीच शत्रुता, घृणा या द्वेष को बढ़ाना हो, एक गंभीर अपराध माना जाता है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद रानीपुर क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय में गहरी नाराजगी और आक्रोश देखा गया। समुदाय के लोगों ने अपनी धार्मिक भावनाओं को आहत होने की बात कही और तत्काल पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
शिकायत और आरोपी
ग्राम गोबरहा, रानीपुर निवासी आसिफ सिद्दीकी ने इस संबंध में पुलिस को एक लिखित शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने बताया कि सूरज पुत्र जुग्गी सोनी, शिवम कैलाश पुत्र संजू, कुलदीप पुत्र गोमती जायसवाल और धर्मेंद्र पुत्र खुशीराम, जो कुट्टी बाजार थाना रानीपुर जनपद बहराइच के निवासी हैं, ने सोशल मीडिया पर यह आपत्तिजनक वीडियो जारी किया। आसिफ सिद्दीकी के अनुसार, इन व्यक्तियों ने वीडियो में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अत्यंत गंदी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुईं।
पुलिस कार्रवाई
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए रानीपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353 (2) के तहत चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह धारा सार्वजनिक उपद्रव उत्पन्न करने वाले बयानों से संबंधित है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से झूठी जानकारी, अफवाहें या रिपोर्ट फैलाना शामिल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता या घृणा को बढ़ावा देना है।
आगे की जांच
रानीपुर पुलिस ने बताया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए पुलिस बल सतर्क है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।