Key Highlights
- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने NDTV से खास बातचीत की।
- उन्होंने कांग्रेस के साथ किसी भी चुनावी गठबंधन को 'जनादेश का अपमान' बताया।
- मान ने 2022 के विधानसभा चुनावों में AAP को मिले स्पष्ट बहुमत पर जोर दिया।
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में NDTV को दिए एक साक्षात्कार में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच किसी भी संभावित गठबंधन को सीधे तौर पर खारिज कर दिया। मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब में कांग्रेस के साथ हाथ मिलाना राज्य के लोगों द्वारा दिए गए जनादेश का अपमान होगा। उनका यह बयान विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन में शामिल दोनों दलों के लिए लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर जारी अटकलों के बीच आया है।
क्यों नहीं होगा कांग्रेस से गठजोड़?
मुख्यमंत्री मान ने साफ शब्दों में कहा, "पंजाब में कांग्रेस के साथ गठबंधन राज्य के लोगों के जनादेश का अपमान करेगा। हमें 2022 के विधानसभा चुनावों में लोगों ने स्पष्ट बहुमत दिया था।" उन्होंने याद दिलाया कि AAP ने 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में 92 सीटें जीतकर एकतरफा सरकार बनाई थी। यह परिणाम कांग्रेस सहित पारंपरिक पार्टियों के खिलाफ बदलाव की लहर का प्रतीक था। पंजाब के मतदाताओं ने एक नई राजनीति के लिए अपनी पसंद साफ जाहिर की थी।
AAP के लिए जनादेश का महत्व
मान ने बताया कि उनकी पार्टी पंजाब में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल जैसे दलों के खिलाफ लड़कर सत्ता में आई है। उन्होंने कहा कि लोगों ने पुराने राजनीतिक चेहरों और उनकी नीतियों को नकार दिया था। ऐसे में अब उन्हीं पार्टियों से हाथ मिलाना जनता के विश्वासघात जैसा होगा। AAP ने भ्रष्टाचार मुक्त और सुशासन के वादे पर चुनाव लड़ा था, जिसे जनता ने स्वीकार किया। इस जनादेश को कायम रखना पार्टी की प्राथमिकता है।
'इंडिया' गठबंधन और पंजाब का भविष्य
भगवंत मान का यह बयान 'इंडिया' गठबंधन के लिए एक झटका माना जा रहा है, जो भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, दिल्ली और पंजाब जैसे कुछ राज्यों में AAP और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। पंजाब में दोनों दल खुद को मुख्य प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखते हैं। मान ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राज्य में अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री मान ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि पंजाब के लोगों ने एक स्पष्ट और निर्णायक बदलाव के लिए मतदान किया था। इस जनादेश का अपना गहरा अर्थ है, ठीक वैसे ही जैसे हर पहचान का अपना महत्व होता है। अगर आप नामों के अर्थ में रुचि रखते हैं, तो दर्बवीर नाम का अर्थ, उत्पत्ति और व्यक्तित्व जानना दिलचस्प हो सकता है। पंजाब की राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है। आगामी लोकसभा चुनावों में इसके गहरे निहितार्थ होंगे।
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पंजाब में AAP और कांग्रेस के संभावित गठबंधन पर भगवंत मान के बयान के बारे में आपके क्या विचार हैं? क्या आपको लगता है कि गठबंधन जनादेश का अपमान होगा? अपनी राय नीचे कमेंट्स में बताएं। ऐसी ही ब्रेकिंग न्यूज के लिए Vews.in पर बने रहें।