Key Highlights

  • दिल्ली-एनसीआर में तीन दिन की लगातार बारिश और गरज के बाद घना कोहरा देखा गया।
  • फरवरी के अंत में इस तरह का मौसम पैटर्न विशेषज्ञों के लिए भी असामान्य है।
  • कोहरे के कारण सुबह दृश्यता (विजिबिलिटी) में भारी गिरावट आई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (एनसीआर) ने हाल ही में एक दुर्लभ मौसमी घटना का अनुभव किया है। लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश और गरज के बाद, क्षेत्र में अचानक घने कोहरे की चादर छा गई। यह आमतौर पर सर्दियों के चरम पर देखा जाने वाला दृश्य है, जो फरवरी के अंत में असामान्य माना जा रहा है, और इसने निवासियों को हैरान कर दिया है।

बीते कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर में मौसम लगातार करवट ले रहा था। तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ इलाकों में गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की गईं। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आई, जिससे ठंड का एहसास लौट आया। हालांकि, बारिश के थमने के बाद, उम्मीद थी कि आसमान साफ हो जाएगा, लेकिन इसके बजाय सुबह-सुबह घना कोहरा छा गया।

सुबह के समय, कई इलाकों में दृश्यता इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को हेडलाइट्स जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में अधिक समय लगा। यह स्थिति दिल्ली-एनसीआर के लिए अप्रत्याशित थी, जहां आमतौर पर फरवरी के अंत तक कोहरा छंट जाता है और धूप खिलने लगती है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, लगातार हुई बारिश ने हवा में नमी की मात्रा को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही, रात के समय तापमान में गिरावट और हवा की धीमी गति ने कोहरे के बनने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ पैदा कीं। यह एक ऐसा संयोजन है जो आमतौर पर दिसंबर या जनवरी के मध्य में ही देखा जाता है, न कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में।

विशेषज्ञ इस असामान्य मौसमी बदलाव को जलवायु परिवर्तन से भी जोड़ रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसे अप्रत्याशित मौसम पैटर्न वैश्विक जलवायु में आ रहे बड़े बदलावों का संकेत हो सकते हैं। ये मौसमी बदलाव अक्सर पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर गहरी चर्चाओं को जन्म देते हैं, जो लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी एक बड़ा मुद्दा है। हाल ही में, सोनम वांगचुक की रिहाई की खबर ने इसी तरह की पर्यावरण संबंधी बहसों को फिर से उभारा है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कोहरे में कमी और धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। हालांकि, इस दुर्लभ मौसमी घटना ने एक बार फिर शहरी जीवन पर मौसम के अप्रत्याशित प्रभावों को उजागर किया है। लोगों को सुबह के समय यात्रा करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

FAQ

  • फरवरी के अंत में दिल्ली में कोहरा क्यों असामान्य है?

    फरवरी के अंत में दिल्ली में कोहरा असामान्य है क्योंकि आमतौर पर इस समय तक तापमान बढ़ना शुरू हो जाता है और हवा में नमी कम हो जाती है। लगातार बारिश से बढ़ी नमी और रात के समय कम तापमान के कारण यह दुर्लभ स्थिति बनी।

  • इस मौसम का हवाई और सड़क यातायात पर क्या असर पड़ा?

    घने कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) में भारी गिरावट आई, जिससे सड़क यातायात धीमा हो गया और वाहन चालकों को परेशानी हुई। हालांकि, हवाई यातायात पर तत्काल किसी बड़े प्रभाव की खबर नहीं मिली, लेकिन कम विजिबिलिटी के कारण उड़ानों में देरी की संभावना बढ़ जाती है।

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