शेयर बाजार LIVE: कच्चे तेल के झटके से फिर लुढ़कने को तैयार Sensex, Nifty!
भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर गिरावट का माहौल बनता दिख रहा है। वैश्विक संकेत और खासकर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, Sensex और Nifty को एक और नकारात्मक शुरुआत के लिए तैयार कर रही हैं। निवेशकों की धड़कनें तेज हैं क्योंकि उन्हें पिछले दिनों की गिरावट की याद सता रही है।
क्यों आ रहा है ये 'तेल का झटका'?
बाजार में इस चिंता का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से ईरान-इजरायल संघर्ष की आशंकाएं, तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ा रही हैं।
- तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर भारत पर पड़ता है, क्योंकि हम अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं।
- महंगा तेल महंगाई बढ़ा सकता है, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ेगी और मुनाफे पर असर पड़ेगा।
- इससे भारतीय रिजर्व बैंक पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव भी बन सकता है।
मध्य पूर्व का संकट और बाजार पर असर
पिछले कुछ समय से मध्य पूर्व में तनाव लगातार बना हुआ है। यह संकट न सिर्फ क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और खासकर तेल बाजार पर गहरा असर डाल रहा है। जब भी इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है, कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगती हैं, और शेयर बाजार में डर का माहौल बन जाता है।
निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं, जिससे इक्विटी बाजारों से पैसा बाहर निकलता है। इसी कारण, भारतीय बाजार भी वैश्विक रुझानों से अछूते नहीं रहते और दबाव में आ जाते हैं।
पिछले हफ़्ते की बड़ी गिरावट की याद
निवेशकों को अभी भी 4 मार्च को आई बड़ी गिरावट याद है, जब बाजार में 'खून-खराबा' देखने को मिला था। उस दिन Sensex 1122 अंक से ज्यादा गिरा था और Nifty 24500 के स्तर से नीचे फिसल गया था। India Vix (बाजार की अस्थिरता का सूचकांक) भी 23% से अधिक उछल गया था, जो बाजार में घबराहट को दर्शाता है। यह घटनाक्रम बताता है कि भू-राजनीतिक चिंताएं कितनी तेजी से बाजार का मूड बदल सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में भी बाजार में ऐसी ही अस्थिरता बनी रह सकती है, और एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।
Sensex, Nifty के लिए अहम स्तर
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा भू-राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के कारण बाजार में गिरावट जारी रह सकती है। Sensex के लिए 78000 का स्तर एक अहम सपोर्ट हो सकता है, लेकिन अगर यह टूटता है, तो बाजार और नीचे जा सकता है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें और बाजार पर लगातार नजर रखें। खासकर आज के कारोबार में तेल कंपनियों, ऑटो और उन सेक्टरों पर नजर रहेगी जिन पर कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर पड़ता है।
आज के कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर निर्भर करेगी।