मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के रायबोझा गांव के पास स्थित लखीमपुर हाईवे पर बने पुल ने एक बार फिर से अपनी मजबूती को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पुल एक साल पहले, जुलाई 2023 में, 4.44 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया था और बस्ती, बहराइच, लखीमपुर, पीलीभीत और बहराइच जिलों को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा था। लेकिन हाल ही में, पुल के क्षतिग्रस्त होने की खबर से क्षेत्रीय लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।

पहले भी हुआ था क्षतिग्रस्त

पुल का निर्माण पिछले साल अप्रैल में पूरा हुआ था, और इसके निर्माण के तुरंत बाद ही सितंबर 2023 में सरयू नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 730 में क्षति आ गई थी। उस समय पुल को मरम्मत की गई थी, लेकिन अब एक साल के भीतर ही पुल फिर से समस्याग्रस्त हो गया है। इस बार पुल के धंसने के कारण यातायात को डायवर्जन से संचालित किया जा रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।

भ्रष्टाचार के आरोप और मरम्मत की स्थिति

पुल के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की बात सामने आई है। एनएचआई लखीमपुर खीरी खंड ने पुल का निर्माण हरियाणा की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी से करवाया था, और निर्माण के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। पुल में समस्या आने के कारण क्षेत्रीय लोग और यात्री दोनों ही परेशान हैं। 

ग्रामीणों की सूचना पर एनएचआई के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पुल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। पुल निर्माण कंपनी ने मरम्मत के लिए जग लगाकर काम शुरू किया है और फिलहाल पुल पर आवागमन एकल मार्ग के माध्यम से बहाल किया गया है। 

भविष्य की चुनौतियाँ और स्थानीय जनता की चिंता

पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, अगर समय पर इसकी मरम्मत नहीं की जाती है, तो बारिश और बाढ़ के मौसम में पुल पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो सकता है। इससे कई जिलों का रास्ता अवरुद्ध हो जाएगा, और लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। 

एनएचआई के सहायक अभियंता पल्टूराम मौर्या ने बताया कि पुल की छत के ऊपरी सतह में धंसाव हो गया है और इस कारण मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुल की मरम्मत जल्द पूरी कर दी जाएगी ताकि यातायात की सुचारुता बनी रहे।


लखीमपुर हाईवे पर बने इस पुल की बार-बार क्षति और मरम्मत की स्थिति ने क्षेत्रीय प्रशासन और निर्माण कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भ्रष्टाचार और ठेकेदारी की अनियमितताओं का खामियाजा स्थानीय जनता को भुगतना पड़ रहा है। उम्मीद की जाती है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेगा और पुल की सही समय पर मरम्मत सुनिश्चित करेगा ताकि लोगों को आने-जाने में कोई कठिनाई न हो।