आगरा, 28 मई 2025: उत्तर प्रदेश के आगरा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के एक मंदिर में 5 साल की मासूम बच्ची के साथ उसके पड़ोसी पवित्र उर्फ पम्मी ने बलात्कार किया। यह घटना 18 मई 2025 को हुई, लेकिन इसका खुलासा 26 मई को सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हुआ। बच्ची की चीख सुनकर उसकी दादी मौके पर पहुंची, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने शुरू में आरोपी को रिहा कर दिया था, लेकिन जन दबाव और सीसीटीवी सबूतों के बाद उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई। सीसीटीवी फुटेज में यह भयावह घटना कैद हो गई, जिसने जांच को और पुख्ता किया। इस मामले ने न केवल स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा किया, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। आरोपी पवित्र उर्फ पम्मी, जो एक मेडिकल स्टोर पर काम करता है, को अब जेल भेज दिया गया है, और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
घटना का विवरण
18 मई 2025 को सुबह, जगदीशपुरा थाना क्षेत्र में एक मंदिर के पास 5 साल की बच्ची खेल रही थी। पड़ोसी पवित्र उर्फ पम्मी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर मंदिर के अंदर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ बलात्कार किया। बच्ची की चीख सुनकर उसकी दादी तुरंत मंदिर पहुंची, जहां उसने आरोपी को देखा। आरोपी ने दादी को धक्का देकर भागने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद, उसे पुलिस को सौंप दिया गया।
पुलिस की प्रारंभिक लापरवाही और जन दबाव
इस मामले में पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने घटना के दिन ही आरोपी को छोड़ दिया था, यह दावा करते हुए कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। हालांकि, एसीपी मयंक तिवारी ने बताया कि परिजनों ने शुरुआत में केवल छेड़छाड़ की शिकायत की थी, और जब सीसीटीवी फुटेज सामने आया, तब आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया गया। यह फुटेज 26 मई को वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस पर दबाव बढ़ा और कार्रवाई तेज हुई।
@HindiKhabar: आगरा
⏩ मंदिर परिसर में 5 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का मामला
⏩ आरोपी युवक घटना के बाद सीसीटीवी में कैद हुआ
⏩ पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़कर किया गिरफ्तार
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सीसीटीवी और मेडिकल साक्ष्य
इस मामले में सीसीटीवी फुटेज एक महत्वपूर्ण सबूत साबित हुआ। मंदिर में लगे कैमरे ने पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया, जिससे पुलिस को आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत मिले। मेडिकल जांच में भी बच्ची के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया। पीड़ित बच्ची सदमे में है और उसका इलाज चल रहा है। परिवार ने पुलिस से सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
समाज में आक्रोश और पुलिस की जवाबदेही
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश पैदा किया है। लोग पुलिस की प्रारंभिक लापरवाही से नाराज हैं और मांग कर रहे हैं कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। आरोपी के मेडिकल स्टोर पर काम करने की जानकारी ने भी इस मामले को और चर्चा में ला दिया, क्योंकि लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या उसकी मानसिक स्थिति वास्तव में अस्थिर थी, जैसा कि पुलिस ने शुरू में दावा किया था।
@bstvlive: आगरा - आगरा से बेहद शर्मसार कर देने वाली घटना
➡मंदिर के अंदर 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म
➡पड़ोसी ने 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म किया
➡मेडिकल की रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि- पुलिस https://t.co/510YnVQr8S
आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने अब इस मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है और जांच को तेज कर दिया है। एसीपी सुकन्या शर्मा ने आश्वासन दिया है कि मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और दोषी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इसके अलावा, पुलिस मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
आगरा में हुई इस घटना ने एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा और मंदिर जैसे पवित्र स्थानों की पवित्रता पर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला न केवल पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठाता है, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर करता है कि बच्चों को ऐसी हैवानियत से बचाने के लिए और क्या कदम उठाए जाने चाहिए। इस मामले में न्याय की मांग जोर पकड़ रही है, और लोग चाहते हैं कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले।