हज 2025 के लिए भारत और सऊदी अरब के बीच कोटा समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसमें भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए 1,75,025 की कोटा सीमा तय की गई है। इस ऐतिहासिक समझौते पर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू और सऊदी अरब के हज एवं उमराह मंत्री तौफीक बिन फावजान अल-रबियाह के बीच सहमति बनी। इस समझौते का उद्देश्य भारतीय हज यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं प्रदान करना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का गर्मजोशी से स्वागत किया और इसे भारतीय हज तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाया जाए।" यह समझौता भारत और सऊदी अरब के मजबूत और घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक है।

हज 2025 के कोटा समझौते की मुख्य बातें

  • भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कोटा सीमा: इस बार 1,75,025 भारतीयों को हज यात्रा के लिए अनुमति दी गई है।
  • सहयोग और समर्थन: सऊदी अरब के हज मंत्री ने भारत के साथ सहयोग की सराहना की।
  • डिजिटल प्रक्रिया: हज 2025 में आवेदन और प्रबंधन के लिए डिजिटल प्रक्रियाओं को शामिल किया जाएगा।
  • कम लागत और बेहतर अनुभव: सरकार ने हज यात्रा को किफायती बनाने का संकल्प लिया है।

किरण रिजिजू ने व्यक्त की खुशी

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने इस समझौते के लिए सऊदी अरब के हज मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा:

भारत और सऊदी अरब के संबंधों में नया आयाम

यह समझौता न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत और सऊदी अरब के द्विपक्षीय संबंधों को भी मजबूत करता है। दोनों देशों के बीच हज यात्रा के प्रबंधन में सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों का विस्तार हुआ है।