हिम्मत का सफ़र

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: चलना, बदलना, ढलना, पलना, करना  |  Radeef: है
गिरकर संभलना है, राहों पे चलना है हर मुश्किल को आज अपनी ताक़त बदलना है सूरज की किरण बन, अँधेरा मिटा दे तू हर ख़्वाब को आज हक़ीक़त में ढलना है तूफ़ानों से लड़ जा, तूफ़ानों को मोड़ दे तेरी हिम्मत से ही अब ये जहाँ पलना है ना हार मान लेना, ना थकना कभी भी तुझे अपनी मंज़िल को अब हासिल करना है

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: सोने, खोने, बहाने, कोने, धोने  |  Radeef: का
उठ, जाग, अब वक़्त नहीं सोने का ये जीवन है, मौक़ा कुछ खोने का हर लम्हा एक नई कहानी है ये वक़्त नहीं, आँसू बहाने का अपनी राह खुद बना, आगे बढ़ क्यों डरता है, दुनिया से कोने का जो ठान लिया, उसे पूरा कर ये समय नहीं, हिम्मत को धोने का

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: रुकना, झुकना, सहमना, मुड़ना, भटकना  |  Radeef: नहीं
ज़िंदगी एक सफ़र है, रुकना नहीं हर मोड़ पर है इम्तिहाँ, झुकना नहीं उम्मीदों के दिए जलाए रखना तूफ़ानों से कभी डरना, सहमना नहीं जो खो गया, उसे भूल जा अब नया सवेरा है, पीछे मुड़ना नहीं तेरी ही जीत है, ये जान ले अपनी राहों से कभी भटकना नहीं