जीवन का सफ़र

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: सफ़र, खबर, राहगुज़र, लहर, असर, कदर  |  Radeef: है
ये ज़िंदगी एक अजब सा लंबा सफ़र है। क्या खोया, क्या पाया, किसे इसकी खबर है। हर मोड़ पर मिलती नई एक राहगुज़र है। कभी धूप की तपिश, कभी ठंडी लहर है। कुछ ख्वाब हैं अधूरे, कुछ दिल में असर है। जी ले हर पल को, यही जीने की कदर है।

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: लिया, दिया, जिया, पिया, किया  |  Radeef: गया
जो मिला ज़िंदगी से, हमने सब कुछ लिया। हर पल को हमने जैसे, एक तोहफ़ा दिया। कुछ ख्वाब थे अधूरे, कुछ यादों में जिया। वक़्त का दरिया देखो, कैसे बहता गया। कभी हँसते हुए, कभी आँसू भी पिया। हर इम्तिहान को हमने, यूँ ही पार किया।