मोहब्बत का नूर

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: खोया, रोया, बोया  |  Radeef: है
तेरी मोहब्बत में दिल मेरा खोया है, हर लम्हा तेरी यादों में रोया है। क्या खबर थी कि इतना हसीन होगा, यह प्यार का बीज जो मैंने बोया है।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: डूबे, छिपे, छुपे  |  Radeef: हैं
तेरे इश्क़ में हम कुछ ऐसे डूबे हैं, जैसे सागर में मोती छिपे हैं। नज़रें उठें तो बस तू ही नज़र आए, तेरी धुन में हम दुनिया से छुपे हैं।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: नाम, काम, मुकाम  |  Radeef: है
मेरी हर दुआ में बस तेरा ही नाम है, बिन तेरे जीना अब मेरा क्या काम है। तू ही मंज़िल, तू ही मेरा रास्ता, तेरी पनाह में ही अब मेरा मुकाम है।