उम्मीद की किरण

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: बहार, करार, इजहार  |  Radeef: है
ज़िंदगी एक सफर है, हसीन बहार है। हर पल में है सुकून, मिलता करार है। मन में जो है छुपा, वो कर दे इजहार है। मुश्किलें तो आएँगी, पर जीतता वही जो यार है।

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: डोर, शोर, ज़ोर  |  Radeef: है
गिर के उठना ही तो फितरत का दस्तूर है। राह में भले हो काँटों का शोर है। हिम्मत न हार, लगा दे अपना ज़ोर है। मंज़िल मिलेगी जरूर, बस थाम ले ये डोर है।