अश्कों की दास्ताँ

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: तन्हाई, जुदाई  |  Radeef: है
आज फिर दिल उदास है, एक गहरी सी ख़ामोशी का एहसास है। यादों के साये में जी रहा हूँ, ज़िंदगी बस तेरी तलाश है।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: यादों, बातों  |  Radeef: था
जो कल तक साथ था, वो आज कहाँ, ज़िंदगी का सफर तन्हा चला। बिखरे लम्हों को समेट रहा हूँ, हर पल बस तेरा ख़याल था।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: आँखों, साँसों  |  Radeef: है
सूनी राहों में अकेला चला जा रहा हूँ, ज़िंदगी की कश्ती को संभाला जा रहा हूँ। कसैली सी यादें, तड़पती सी साँसों में, बस अश्क आँखों में छुपाया जा रहा हूँ।