उम्मीदों का सवेरा

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: सवेरा, अंधेरा, बसेरा  |  Radeef: है
हर पल एक नई सुबह का सवेरा है, न हो मायूस, तू अकेला नहीं मेरा है। भले ही छा जाए गहरा अंधेरा, यकीन रख, रोशन होगा तेरा बसेरा है।

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: पुकार, बहार, इक़रार  |  Radeef: है
सुन ले तू मंज़िल की जो पुकार, आने ही वाली है तेरे जीवन में बहार। जो दिल में है तेरा वो इक़रार, सच्चाई की राह पर तेरा अधिकार है।

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: नई, ऊंचाई, सच्चाई  |  Radeef: है
भर ले तू एक उड़ान नई, छू ले तू आसमां की ऊंचाई। जो दिल में तेरे वो सच्चाई, इसी में तेरी भलाई है।