सऊदी अरब ने 'इन द प्रॉफेट्स स्टेप्स' (On His Footsteps) पहल की शुरुआत की है, जो मक्का से मदीना तक की पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की ऐतिहासिक हिजरत यात्रा को पुनर्जीवित करती है। यह एक सांस्कृतिक और पर्यटन परियोजना है जो इस्लामिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का हिस्सा
यह पहल सऊदी अरब के विज़न 2030 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को वैश्विक सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाना है। इस परियोजना के माध्यम से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को पैगंबर की हिजरत और उससे जुड़े ऐतिहासिक घटनाओं से परिचित कराया जाएगा।
हिजरत की ऐतिहासिक यात्रा
यह ट्रैक 470 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 305 किलोमीटर विशेष रूप से पैदल यात्रा के लिए समर्पित किया गया है। यह मार्ग 41 ऐतिहासिक स्थलों को कवर करता है, जहां से पैगंबर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) और उनके महान साथियों ने मक्का से मदीना तक की यात्रा की थी।
इस मार्ग में गुफा-ए-सौर शामिल है, जहां पैगंबर और अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने छिपकर समय बिताया था, मस्जिद-ए-क़ुबा, जो इस्लाम की पहली मस्जिद है, और मस्जिद-ए-नबवी तक यह यात्रा पहुँचती है।
आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक विरासत
इस इंटरैक्टिव मार्ग में वर्चुअल रियलिटी का उपयोग किया गया है, जिससे हिजरत से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों को जीवंत रूप में दिखाया जाता है। प्रत्येक स्थान पर विस्तृत व्याख्या उपलब्ध होगी।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
यह परियोजना 30 से अधिक शहरों और कस्बों की अर्थव्यवस्था और समाज को बदलने में सहायक होगी।
शिक्षा और जागरूकता
इस पहल में ऐतिहासिक व्याख्यान, कलात्मक प्रदर्शन, और पैगंबर की जीवनी पर आधारित कार्यशालाएं शामिल हैं। इसके अलावा, परिवारों और बच्चों के लिए विशेष शिक्षण गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी।
सऊदी अरब की इस्लामिक विरासत को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता
'इन द प्रॉफेट्स स्टेप्स' पहल इस्लामिक विरासत को एक आधुनिक और प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शित करने के लिए बनाई गई है। यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी और सऊदी अरब को इस्लामिक इतिहास का एक प्रमुख केंद्र बनाएगी।