Key Highlights

  • सोशल मीडिया पर बोरिस जॉनसन के एक वीडियो को गलत दावे के साथ प्रसारित किया जा रहा है।
  • वीडियो अप्रैल 2020 का है, जब जॉनसन COVID-19 से ठीक हुए थे।
  • उस वीडियो में उन्होंने पीएम मोदी या भारत की कोई आलोचना नहीं की थी।

बोरिस जॉनसन के वायरल वीडियो के पीछे का पूरा सच

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है। इसमें यूनाइटेड किंगडम के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन बोलते दिख रहे हैं। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि जॉनसन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे हैं। हालांकि, सच्चाई इस दावे से कोसों दूर है। यह वीडियो पुराना है और इसका पीएम मोदी से कोई संबंध नहीं है।

पुराना फुटेज, नया गलत दावा

वायरल हो रहा यह वीडियो अप्रैल 2020 का है। उस वक्त बोरिस जॉनसन खुद कोरोना वायरस संक्रमण से जूझकर ठीक हुए थे। वे अपनी रिकवरी के बाद सार्वजनिक तौर पर सामने आए थे। वीडियो में जॉनसन राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के कर्मचारियों और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त कर रहे थे, जिन्होंने उनकी जान बचाने में मदद की थी। उनकी भावुकता साफ दिख रही थी।

उस संबोधन में जॉनसन ने किसी भी राजनीतिक व्यक्ति या देश, विशेषकर पीएम मोदी या भारत की आलोचना नहीं की थी। उनका पूरा भाषण अपनी सेहत और कोरोना के खिलाफ जंग में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों को समर्पित था।

💡 Did You Know? बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने पद पर रहते हुए कोविड-19 संक्रमण से इतनी गंभीर लड़ाई लड़ी और उससे उबरकर वापस लौटे थे। उनका यह अनुभव वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बना था।

गलत सूचना का प्रसार: जिम्मेदार कौन?

यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि कैसे पुराने वीडियो या तस्वीरों को नए और भ्रामक संदर्भ में प्रस्तुत करके गलत सूचना फैलाई जाती है। ऐसे मामलों में, वीडियो के साथ जोड़े गए कैप्शन अक्सर गलत होते हैं, जिससे दर्शक गुमराह होते हैं। इंटरनेट पर ऐसी सामग्री साझा करने वाले अक्सर राजनीतिक एजेंडा या महज सनसनीखेज खबरें फैलाने के मकसद से ऐसा करते हैं।

एक जागरूक नागरिक के तौर पर, किसी भी खबर या वीडियो को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सच्चाई परखना बेहद जरूरी है। विशेषकर तब जब वह किसी बड़े राजनेता से जुड़ा हो। जॉनसन और पीएम मोदी के संबंध हमेशा सौहार्दपूर्ण रहे हैं। दोनों नेताओं ने विभिन्न अवसरों पर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है।

इस वायरल दावे के बाद स्पष्ट है कि बोरिस जॉनसन ने पीएम मोदी की कोई आलोचना नहीं की है। वीडियो सिर्फ एक पुराना फुटेज है जिसे गलत इरादे से प्रसारित किया गया। ऐसी भ्रामक खबरों से बचने के लिए हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें। ऐसी और सटीक खबरों के लिए Vews News पर बने रहें।