Key Highlights
- प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन में तकनीक और क्रिटिकल मिनरल्स के 'हथियारकरण' पर चिंता जताई।
- उन्होंने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विश्वास, पारदर्शिता और विविधता का आह्वान किया।
- मोदी ने कहा कि इन महत्वपूर्ण संसाधनों का भू-राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
BRICS शिखर सम्मेलन में मोदी की बेबाक चेतावनी
BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसने वैश्विक मंच पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने तकनीक और क्रिटिकल मिनरल्स को 'हथियार' के तौर पर इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में इन संसाधनों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर तनाव बढ़ रहा है।
प्रौद्योगिकी का 'हथियारकरण': एक गंभीर खतरा
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि आज के दौर में कुछ देश अपनी तकनीकी श्रेष्ठता या नियंत्रण का इस्तेमाल दूसरे देशों पर दबाव बनाने के लिए कर रहे हैं। तकनीक, जो मानव कल्याण के लिए बनी है, का इस तरह 'हथियारकरण' वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास के सिद्धांतों के खिलाफ है, जिन पर आधुनिक दुनिया टिकी है। उनका यह बयान तकनीकी नवाचार और विकास को मुक्त और समावेशी बनाए रखने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्रिटिकल मिनरल्स: आर्थिक और रणनीतिक महत्व
क्रिटिकल मिनरल्स, जैसे लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स, आधुनिक उद्योगों और रक्षा प्रणालियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और उच्च-तकनीकी उपकरणों का निर्माण इन्हीं पर निर्भर करता है। मोदी ने चेतावनी दी कि कुछ देशों द्वारा इन खनिजों पर एकाधिकार और उनका 'हथियारकरण' वैश्विक आर्थिक विकास और सुरक्षा को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है। इस तरह की एकतरफा नीतियां आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा डालती हैं, जिससे विकासशील देशों को भारी नुकसान होता है।
विश्वास, पारदर्शिता और बहुपक्षीय सहयोग की अपील
भारतीय प्रधानमंत्री ने वैश्विक समुदाय से इन मुद्दों पर विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण संसाधनों के प्रबंधन और उपयोग में बहुपक्षीय सहयोग आवश्यक है। उनका मानना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाना और किसी एक देश पर निर्भरता कम करना ही आगे का रास्ता है। यह पहल सभी देशों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगी।
वैश्विक शांति और समृद्धि का आह्वान
मोदी के इस बयान ने BRICS मंच पर महत्वपूर्ण चर्चा छेड़ दी। यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक व्यापार और भू-राजनीति में निष्पक्षता और नैतिकता का समर्थक है। उन्होंने BRICS देशों को इन चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उनका संदेश स्पष्ट था: वैश्विक समृद्धि और शांति के लिए हमें मिलकर काम करना होगा, न कि संसाधनों का दुरुपयोग करना होगा।
🗣️ Share Your Opinion!
क्या आपको लगता है कि प्रौद्योगिकी और क्रिटिकल मिनरल्स का 'हथियारकरण' एक गंभीर वैश्विक खतरा है? इस पर आपके क्या विचार हैं?
अधिक विस्तृत समाचार कवरेज के लिए, Vews.in पर विजिट करें।