Key Highlights
- भारत ने अफ़गानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
- इन हमलों को नई दिल्ली ने 'खुली आक्रामकता' करार दिया।
- भारत ने अफ़गानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का आह्वान किया।
नई दिल्ली ने हाल ही में अफ़गानिस्तान के भीतर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों को 'खुली आक्रामकता' करार दिया है। भारत ने इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करते हुए इस गंभीर घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यह बयान क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बढ़ते खतरों को रेखांकित करता है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर अफ़गानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों से हुए जानमाल के नुकसान पर दुख जताया। मंत्रालय ने कहा कि भारत अफ़गानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन के इन कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए। पड़ोसी देशों की संप्रभुता का सम्मान करें।
क्षेत्रीय शांति पर गहरा असर
ये हवाई हमले अफ़गानिस्तान के खोस्त और पक्तिका प्रांतों में हुए। पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने उन ठिकानों को निशाना बनाया है जहाँ तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकवादी छिपे हैं, जो सीमा पार से हमलों में शामिल हैं। हालांकि, अफ़गानिस्तान में तालिबान प्रशासन ने इन हमलों की निंदा की। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में नागरिक हताहत हुए हैं। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है।
भारत ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इस क्षेत्र में आतंकवाद की समस्या गंभीर है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है। किसी भी देश को आतंकवाद को बढ़ावा देने या उसका समर्थन करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। यह बयान क्षेत्र में सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की लगातार स्थिति को दोहराता है।
बढ़ती अस्थिरता और कूटनीतिक दबाव
अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते संबंध क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंताजनक हैं। भारत ने हमेशा शांतिपूर्ण समाधानों का समर्थन किया है। वह हमेशा तनाव कम करने और बातचीत के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने की वकालत करता रहा है। मौजूदा स्थिति में कूटनीतिक हस्तक्षेप की आवश्यकता महसूस हो रही है। इस क्षेत्र में पहले से ही नाजुक संतुलन है।
नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह स्थिति पर ध्यान दे। वे यह सुनिश्चित करें कि अफ़गानिस्तान की भूमि का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ आतंकवाद के लिए न हो। इस मुद्दे पर वैश्विक एकजुटता महत्वपूर्ण है। आगे चलकर क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सभी पक्षों से संयम बरतने की उम्मीद है।
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