Key Highlights
- यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में आधी रात को ABVP का कथित हमला हुआ।
- छात्रों ने हमलावरों द्वारा 'आग लगाने और बलात्कार की धमकियां' देने का आरोप लगाया।
- विश्वविद्यालय समुदाय ने एकजुटता दिखाते हुए घटना का मजबूती से सामना किया।
कोलकाता। यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) एक बार फिर खबरों में है, लेकिन इस बार का कारण परिसर में हुई एक हिंसक घटना है। देर रात विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों द्वारा किए गए हमले ने तनाव बढ़ा दिया है। छात्रों ने दावा किया है कि इस दौरान उन्हें 'आग लगाने' और 'बलात्कार' जैसी भयावह धमकियों का सामना करना पड़ा। इन गंभीर आरोपों के बावजूद, जेयू के छात्र समुदाय ने पीछे हटने से इनकार कर दिया, उन्होंने हमलावरों का दृढ़ता से सामना किया।
यह घटना रात के अंधेरे में हुई, जिसने परिसर की शांति भंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों और छात्रों के बयानों के अनुसार, कुछ लोग विश्वविद्यालय के गेट फांद कर अंदर घुस गए। उन्होंने परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। माहौल में तुरंत तनाव फैल गया।
छात्रों ने 'आग और दुष्कर्म की धमकियों' का किया सामना
छात्रों ने बताया कि हमलावरों ने उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। 'आग लगा देंगे' और 'बलात्कार कर देंगे' जैसी धमकियां स्पष्ट रूप से दी गईं। इन डराने वाली चेतावनियों का उद्देश्य छात्रों को भयभीत करना था, उन्हें चुप कराना था। हालांकि, छात्रों ने एकजुटता दिखाई। उन्होंने संगठित होकर हमलावरों का विरोध किया। विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों और कुछ छात्रों ने मिलकर हमलावरों को परिसर से बाहर निकालने में मदद की। यह छात्रों की बहादुरी का एक क्षण था।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और परिसर का मौजूदा माहौल
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया है। अधिकारियों ने कथित हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। छात्रों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनका कहना है कि वे किसी भी तरह की हिंसा या धमकी के सामने झुकेंगे नहीं। परिसर में शांति और अकादमिक स्वतंत्रता बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह घटना परिसर में राजनीतिक असहमति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है।
इस मामले में ABVP की ओर से अभी कोई विस्तृत बयान नहीं आया है। इस तरह की घटनाएं शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ते ध्रुवीकरण पर गंभीर सवाल उठाती हैं। छात्रों और प्रशासन दोनों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। उन्हें परिसर के भीतर एक सुरक्षित और समावेशी वातावरण सुनिश्चित करना है।
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