Key Highlights

  • वियतनाम के फू कोओक द्वीप के पास स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीयों की मौत हुई।
  • मृतकों में 10 लोग तेलंगाना राज्य के थे, बाकी आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से।
  • सभी मृतक Lava Mobile कंपनी के कर्मचारी बताए जा रहे हैं, जो घूमने गए थे।

वियतनाम के खूबसूरत फू कोओक द्वीप के पास एक भयावह स्पीडबोट दुर्घटना ने देशभर को झकझोर दिया है। इस हादसे में कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की जान चली गई है, जिनमें से 10 लोग अकेले तेलंगाना राज्य के निवासी थे। यह दुखद घटना तब हुई जब पर्यटकों को ले जा रही स्पीडबोट अप्रत्याशित रूप से पलट गई, जिससे छुट्टियों पर गए इन लोगों की जिंदगी असमय थम गई।

भयावह त्रासदी: कैसे हुआ हादसा?

यह दुर्घटना दक्षिणी वियतनाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल, फू कोओक द्वीप के समुद्री जल में हुई। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, स्पीडबोट में क्षमता से अधिक लोग सवार थे या खराब मौसम की स्थिति के कारण असंतुलित हो गई थी, जिससे वह अचानक पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सबकुछ इतनी तेज़ी से हुआ कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। आसपास मौजूद अन्य नौकाओं और बचाव दलों ने तुरंत कार्रवाई की, लेकिन कई यात्रियों को बचाया नहीं जा सका।

पीड़ितों की पहचान: तेलंगाना के सबसे ज़्यादा

मृतकों की पहचान एक संवेदनशील प्रक्रिया के तहत की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुल 15 भारतीयों में से 10 लोग तेलंगाना के निवासी थे। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ यात्री भी इस हादसे का शिकार हुए हैं। पीड़ितों के परिवारों तक पहुंचने और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने के प्रयास जारी हैं। दूतावास के अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

Lava Mobile से जुड़े थे सभी मृतक

यह सामने आया है कि इस दुखद हादसे में मारे गए सभी भारतीय नागरिक Lava Mobile कंपनी के कर्मचारी थे। वे कंपनी की ओर से या अपनी निजी यात्रा पर वियतनाम घूमने गए थे। इस जानकारी ने दुख को और गहरा कर दिया है, क्योंकि यह एक संगठित समूह की यात्रा थी जो त्रासदी में बदल गई। कंपनी और सरकार दोनों की ओर से उनके परिवारों को सांत्वना और सहायता देने की बात कही गई है।

राहत और बचाव कार्य

घटना के तुरंत बाद, वियतनामी नौसेना और तटरक्षक बल ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। कई शव बरामद किए गए हैं, और कुछ लोगों को बचा लिया गया, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। भारतीय दूतावास ने भी वियतनामी अधिकारियों से संपर्क साधा है और पीड़ितों की पहचान तथा उनके शवों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया है।

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