Key Highlights
- सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्रगान के दौरान चलते हुए एक वीडियो वायरल हुआ।
- यह वीडियो राष्ट्रगान के 'अपमान' के दावों के साथ फैलाया जा रहा था।
- जाँच में सामने आया है कि यह वीडियो एडिटेड और पुराना है, दावा पूरी तरह गलत है।
राष्ट्रगान के दौरान PM मोदी के चलने का वीडियो: क्या है सच्चाई?
हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर काफी तेज़ी से वायरल हुआ है। इस वीडियो में उन्हें कथित तौर पर राष्ट्रगान बजते समय चलते हुए दिखाया गया है। इसे लेकर विभिन्न प्लेटफार्मों पर यह दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रगान का अनादर किया है। हालांकि, कई स्वतंत्र फैक्ट-चेकर्स और समाचार पोर्टलों ने इसकी गहन पड़ताल की है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि प्रसारित किया जा रहा यह वीडियो क्लिप न केवल पुराना है, बल्कि इसे चालाकी से एडिट भी किया गया है।
उन्नाव में 2021 के कार्यक्रम का संदर्भ
दरअसल, वायरल हो रहा यह वीडियो क्लिप मूल रूप से 2021 की एक घटना से संबंधित है। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के उन्नाव में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय की आधारशिला रखने के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के वास्तविक फुटेज में यह साफ देखा जा सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रगान शुरू होने पर सम्मानपूर्वक खड़े हुए थे। वे राष्ट्रगान की समाप्ति के बाद ही आगे बढ़े थे।
एडिटिंग ने पैदा किया भ्रम
फैक्ट-चेकर्स ने पाया कि वायरल वीडियो को कुछ सेकंड के लिए जानबूझकर काट-छाँटकर बनाया गया है। इसमें उस हिस्से को छोड़ दिया गया है जहां प्रधानमंत्री सम्मान से खड़े थे। इस तरह के छोटे, संपादित क्लिप अक्सर एक बड़े संदर्भ से काटकर प्रस्तुत किए जाते हैं, जिससे दर्शकों में भ्रम और गलतफहमी फैलती है। वीडियो को इस तरह से प्रस्तुत किया गया है कि लगे प्रधानमंत्री राष्ट्रगान के बीच में चल रहे हैं, जबकि असलियत बिल्कुल अलग थी। यह डिजिटल युग में गलत सूचना फैलाने का एक सामान्य तरीका बन गया है।
गलत सूचना के खिलाफ सतर्कता ज़रूरी
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली सामग्री की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किए हैं। राजनीतिक या अन्य उद्देश्यों के लिए पुराने और एडिटेड वीडियो का उपयोग कर गलत धारणाएँ बनाना अब आम हो गया है। उपयोगकर्ताओं को ऐसी सामग्री पर आंख मूँद कर भरोसा करने से बचना चाहिए। किसी भी वीडियो या खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करता है कि गलत सूचना समाज में न फैले।
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