Key Highlights

  • लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने दुबई के अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) सिस्टम के लिए एक विशाल कॉन्ट्रैक्ट जीता।
  • यह ऑर्डर 'मेगा' श्रेणी का है, जिसका अनुमानित मूल्य ₹5,000 करोड़ तक हो सकता है।
  • यह परियोजना अल मकतूम हवाई अड्डे के बड़े विस्तार का हिस्सा है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बनाने की दुबई की महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।

भारतीय इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी को दुबई के अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) सिस्टम के डिजाइन, निर्माण और रखरखाव का ठेका मिला है। यह ऑर्डर 'मेगा' श्रेणी में आता है, जिसका अर्थ है कि इसका मूल्य ₹5,000 करोड़ (लगभग 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर) तक हो सकता है। यह खबर L&T के वैश्विक पदचिह्न को मजबूत करती है और भारतीय कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती उपस्थिति का प्रमाण है।

L&T की वैश्विक छाप: दुबई में नया कीर्तिमान

इस प्रतिष्ठित परियोजना में APM प्रणाली के लिए सिविल निर्माण कार्य, ट्रैक-वर्क, विद्युत प्रणाली, सिग्नलिंग और नियंत्रण प्रणाली का एक व्यापक कार्यक्षेत्र शामिल है। L&T की इंजीनियरिंग और निर्माण विशेषज्ञता इस परियोजना के सफल निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कंपनी के पास बड़े पैमाने की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने का एक शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है, जिसमें मेट्रो रेल परियोजनाएं और अन्य परिवहन प्रणालियां शामिल हैं। यह नया कॉन्ट्रैक्ट मध्य पूर्व में L&T की बढ़ती प्रतिष्ठा को और बल देता है।

अल मकतूम एयरपोर्ट: भविष्य का विमानन केंद्र

दुबई का अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा एक विशाल विस्तार योजना के दौर से गुजर रहा है। इसका लक्ष्य दुनिया के सबसे बड़े और सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक बनना है। APM सिस्टम हवाई अड्डे के टर्मिनल और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह अत्याधुनिक परिवहन समाधान न केवल परिचालन दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि लाखों यात्रियों के लिए यात्रा अनुभव को भी बेहतर बनाएगा। दुबई अपनी विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए जाना जाता है, और यह APM परियोजना उस दृष्टि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भारत की इंजीनियरिंग शक्ति का प्रतीक

यह कॉन्ट्रैक्ट केवल L&T के लिए ही नहीं, बल्कि समग्र रूप से भारतीय इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि भारतीय कंपनियां वैश्विक स्तर पर सबसे जटिल और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं। दुबई जैसे वैश्विक केंद्र में एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना जीतना भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार का एक स्पष्ट संकेत है। L&T का यह कदम भारत-यूएई आर्थिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।

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L&T द्वारा दुबई में इस बड़े प्रोजेक्ट को जीतने से भारत की वैश्विक छवि पर क्या असर पड़ेगा? अपनी प्रतिक्रियाएँ नीचे कमेंट बॉक्स में दें।

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