Key Highlights
- तेलंगाना की एक नर्स सऊदी अरब में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुई।
- सऊदी यात्रा प्रतिबंधों के कारण उसकी भारत वापसी में बाधा आ रही है।
- परिजनों ने भारत सरकार और दूतावास से मदद की गुहार लगाई है।
तेलंगाना की एक नर्स सऊदी अरब में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना का शिकार होने के बाद अब यात्रा प्रतिबंधों के चलते भारत लौटने में असमर्थ है। यह मामला प्रवासी भारतीय श्रमिकों की चुनौतियों को उजागर करता है, और उसके परिवार की चिंताएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं।
दर्दनाक दुर्घटना और उसके गंभीर परिणाम
जगतियाल जिले के मल्लापुर मंडल की रहने वाली यह नर्स रियाद के एक निजी अस्पताल में कार्यरत थी। लगभग एक महीने पहले, एक सड़क दुर्घटना में उसे गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि उसे शरीर के विभिन्न हिस्सों में कई फ्रैक्चर हुए।
शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी है। हालांकि, उसकी चोटें पूरी तरह से ठीक नहीं हुई हैं। उसे अभी भी उचित चिकित्सा देखभाल और आराम की आवश्यकता है, जो उसके परिवार के अनुसार, भारत में बेहतर ढंग से मिल पाएगा।
सऊदी यात्रा प्रतिबंधों का जाल
उसकी भारत वापसी में सबसे बड़ी बाधा सऊदी अरब द्वारा लगाए गए कड़े यात्रा प्रतिबंध हैं। कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए सऊदी अरब ने भारत सहित कई देशों से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक लगा रखी है। यह प्रतिबंध लाखों प्रवासी भारतीयों के लिए एक जटिल चुनौती बन गया है।
नर्स का वीजा भी जल्द ही समाप्त होने वाला है। बिना वैध वीजा और यात्रा की अनुमति के, उसे सऊदी अरब में अनिश्चितकाल तक रहना पड़ सकता है, जो उसकी मुश्किलें और बढ़ा रहा है। यह स्थिति उसे कानूनी और वित्तीय संकट में भी डाल सकती है।
परिवार की मार्मिक अपील
भारत में उसका परिवार, हर दिन अपनी बेटी की सलामती के लिए चिंतित है। उन्होंने भारतीय दूतावास और तेलंगाना सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। विशेष रूप से, उन्होंने उसकी सुरक्षित और जल्द भारत वापसी के लिए आवश्यक यात्रा व्यवस्था की मांग की है।
परिवार के सदस्यों ने मीडिया के माध्यम से अपनी व्यथा व्यक्त की है। उनका आग्रह है कि सरकार उनकी बेटी को सुरक्षित घर लाए, ताकि वह अपने देश में रहकर उचित उपचार प्राप्त कर सके और अपने परिवार के साथ रह सके।
प्रवासी भारतीयों की विकट स्थिति
यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है। खाड़ी देशों में कार्यरत हजारों भारतीय नागरिक, विभिन्न कारणों से, यात्रा प्रतिबंधों के कारण फँसे हुए हैं। कई लोगों के रोजगार पर संकट है, तो कुछ चिकित्सा आपात स्थितियों का सामना कर रहे हैं।
भारत सरकार ने अतीत में 'वंदे भारत मिशन' जैसी पहल के माध्यम से लाखों भारतीयों को सफलतापूर्वक वापस लाया है। अब इस नर्स के लिए भी ऐसे ही त्वरित और प्रभावी प्रयासों की उम्मीद की जा रही है, ताकि वह जल्द से जल्द अपने घर पहुँच सके।
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