Key Highlights
- पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले की चेतावनी दी है।
- 'पिकैक्स माउंटेन' ईरान के गहरे भूमिगत परमाणु ठिकानों का सांकेतिक नाम है।
- इस चेतावनी से मध्य पूर्व में तनाव और गहरा गया है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान के रहस्यमय पहाड़ पर दुनिया की निगाहें
पूरी दुनिया की निगाहें इस वक्त मध्य पूर्व पर टिकी हैं। अमेरिकी राजनीति में फिर से सक्रिय हुए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की खुली चेतावनी दी है। उनकी यह धमकी सीधे तौर पर ईरान के उन रहस्यमय ठिकानों की ओर इशारा करती है जिन्हें अक्सर 'पिकैक्स माउंटेन' के नाम से जाना जाता है। एक बार फिर, खाड़ी क्षेत्र में तनाव का पारा चढ़ा है।
क्या है यह 'पिकैक्स माउंटेन'?
दरअसल, 'पिकैक्स माउंटेन' कोई शाब्दिक पहाड़ नहीं, बल्कि ईरान के गहरे भूमिगत परमाणु सुविधाओं का एक सांकेतिक नाम है। दशकों से ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को मजबूत करने में जुटा है। उसने अपनी कई महत्वपूर्ण परमाणु इकाइयों को पहाड़ों के भीतर, जमीन से सैकड़ों मीटर नीचे बनाया है। फोर्डो और नतांज़ जैसे ठिकाने इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इनका मुख्य मकसद है इन्हें हवाई हमलों और मिसाइल हमलों से बचाना। ये ठिकाने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं का दिल माने जाते हैं। यहां यूरेनियम संवर्धन जैसे संवेदनशील कार्य होते हैं।
ट्रंप का कड़ा रुख और अमेरिका की चिंताएं
डोनाल्ड ट्रंप अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम के कट्टर विरोधी रहे हैं। उन्होंने ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) से अमेरिका को बाहर कर दिया था। अब उनकी ताजा चेतावनी ईरान को एक और कड़ा संदेश है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश लंबे समय से चिंतित हैं कि ईरान अपने नागरिक परमाणु कार्यक्रम की आड़ में परमाणु हथियार विकसित कर सकता है। हालांकि, ईरान लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि उसका इरादा परमाणु हथियार बनाना है। ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर कई अन्य भू-राजनीतिक संकट चल रहे हैं, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
तेहरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय निहितार्थ
ट्रंप की चेतावनी पर तेहरान की ओर से अक्सर कड़े शब्दों में जवाब आता है। ईरान हमेशा अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर किसी भी हमले का पुरजोर विरोध करता रहा है। अगर ऐसी कोई सैन्य कार्रवाई होती है, तो इसके क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मध्य पूर्व पहले से ही कई संघर्षों का गवाह रहा है। किसी भी नए सैन्य टकराव से तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का नया दौर शुरू हो सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे किसी भी कदम की आर्थिक और मानवीय लागत बहुत अधिक होगी।
आगे क्या?
ट्रंप की चेतावनी ने एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वैश्विक बहस छेड़ दी है। 'पिकैक्स माउंटेन' के इर्द-गिर्द मंडराता यह खतरा आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की असली परीक्षा लेगा। देखना होगा कि यह जुबानी जंग किस मोड़ पर पहुंचती है और क्या कोई निर्णायक कदम उठाया जाता है। दुनिया की नजरें इन संवेदनशील घटनाक्रमों पर बनी हुई हैं।
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