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धोखा और विश्वासघात पर मार्मिक कविता - Furkan S Khan

विश्वासघात के दर्द को दर्शाती एक भावपूर्ण हिंदी कविता। जानिए कैसे अपनों का धोखा जीवन को बदल देता है। पढ़िए Furkan S Khan की विशेष रचना।

Monday, September 21, 2026
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धोखा और विश्वासघात पर मार्मिक कविता - Furkan S Khan
“धोखा और विश्वासघात पर मार्मिक कविता - Furkan S Khan”
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21 September 2026
धोखा और विश्वासघात पर मार्मिक कविता - Furkan S Khan
जीवन कविता
आस्तीन के सांपों का वो मंज़र याद आया, जिसने मेरी रूह का हर मिटाया। भरोसे की नींव पर जब पाया, तो अपनों के चेहरे पर एक काला साया आया खंजर पीठ में उतार कर वो मुस्कुराया, मैंने मरते हुए भी बस वफ़ा का पाठ पढ़ाया।
💡 कठिन शब्दों के अर्थ जानने के लिए अंडरलाइन किए गए शब्दों पर टैप करें
Kaafiya आया, पाया, साया Radeef धोखा
F Poetry ByFurkan S Khan
जीवन कविता
वादे किए थे जो, वो सब धुआं हो गया, मेरा हर एक बेनूर हो गया की आग में सब कुछ जल गया, जिसने दिया था सहारा, वही राह का अंधेरा हो गया रिश्तों की डोर का हर सिरा टूट गया, वो शख्स मेरी हस्ती का एक बुरा सवेरा हो गया
💡 कठिन शब्दों के अर्थ जानने के लिए अंडरलाइन किए गए शब्दों पर टैप करें
Kaafiya गया, नया, भया Radeef अंधेरा
F Poetry ByFurkan S Khan

यह कविता विश्वासघात के उस दर्द को बयां करती है जो अपनों के द्वारा मिलता है। 'अक्स' का अर्थ है प्रतिबिंब, जो हमारे व्यक्तित्व को दर्शाता है, जिसे विश्वासघात धुंधला कर देता है। वहीं, 'फरेब' का अर्थ है छलावा, जो जीवन के सबसे मजबूत रिश्तों को भी खोखला कर देता है। यह रचना बताती है कि कैसे एक करीबी व्यक्ति का धोखा पूरे वजूद को झकझोर देता है, फिर भी एक सच्चा इंसान अंत तक अपनी नैतिकता नहीं छोड़ता।

इस कविता में विश्वास टूटने के बाद की शून्यता को दर्शाया गया है। 'तसव्वुर' यानी कल्पना, जो टूटने पर जीवन को फीका कर देती है। 'नदामत' का अर्थ है पछतावा, जो विश्वासघात के बाद मन में घर कर लेता है। यह कविता उस कड़वे सच को उजागर करती है जहाँ एक भरोसेमंद इंसान ही जीवन के सबसे कठिन अंधेरे का कारण बन जाता है। यह एक भावनात्मक सफर है जो विश्वास और धोखे के बीच के बारीक अंतर को समझाता है।

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Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

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