फ़ुरक़ान एस खान की इश्क़ शायरी: दिल को सुकून देने वाले शेर
फ़ुरक़ान एस खान की दिल छू लेने वाली शायरी, जहाँ इश्क़ की गहराइयों में खोकर हर ग़म सुकून में बदल जाता है। प्रेम की चाहत में बहलते दिल की दास्तान।
चाहत: इच्छा, प्रेम। बहल: बहलना, सुकून मिलना। ग़म: दुख। दर्द: पीड़ा। पिघल: पिघलना, कम होना। इश्क़: प्रेम। सँवर: सँवरना, बेहतर होना, सुंदर होना।
ज़िक्र: चर्चा, उल्लेख। ज़ुबाँ: ज़बान, जीभ। सुकून: शांति, चैन। छा जाता है: फैल जाता है, छा जाता है। इश्क़: प्रेम। भाता है: पसंद आता है, अच्छा लगता है। फ़लक: आकाश, आसमान। लुभाता है: मोहित करता है, आकर्षित करता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
28°C Bahraich
Comments (0)