सऊदी अरब में शाबान का चांद नहीं दिखा, 2026 में रमज़ान कब से होगा शुरू?
सऊदी अरब में शाबान 1447 हिजरी का चांद नजर नहीं आया। ऐसे में रजब का महीना 30 दिन का होगा। जानिए 2026 में रमज़ान के संभावित शुरू होने की तारीख।
QR Code
इस्लामिक कैलेंडर के आठवें महीने शाबान की शुरुआत को लेकर सऊदी अरब से अहम जानकारी सामने आई है। सऊदी अरब में रविवार, 18 जनवरी को शाबान 1447 हिजरी का चांद नजर नहीं आया। इसके चलते सोमवार, 19 जनवरी को इस्लामी कैलेंडर के सातवें महीने रजब का आख़िरी दिन माना जाएगा।
कहां और कैसे हुई चांद देखने की कोशिश?
सऊदी अरब की आधिकारिक चांद देखने वाली समितियों ने देश के अलग-अलग वेधशालाओं से चांद देखने का प्रयास किया। राजधानी रियाद सहित कई स्थानों पर साफ मौसम के बावजूद शाबान का नया चांद दिखाई नहीं दे सका।
इसके बाद आधिकारिक रूप से यह घोषणा की गई कि रजब का महीना 30 दिन का पूरा किया जाएगा और शाबान की शुरुआत अगले दिन से मानी जाएगी।
शाबान का इस्लाम में क्या महत्व है?
शाबान इस्लामी चंद्र कैलेंडर का आठवां महीना होता है, जिसे रमज़ान से पहले आध्यात्मिक तैयारी का समय माना जाता है। इस महीने में मुसलमान इबादत, दुआ और आत्मिक सुधार पर विशेष ध्यान देते हैं ताकि रमज़ान का महीना बेहतर तरीके से गुज़ारा जा सके।
इस्लामी परंपरा में शाबान को रोज़ों और इबादत के अभ्यास का महीना भी कहा जाता है।
2026 में रमज़ान कब शुरू होने की उम्मीद?
खगोलीय गणनाओं के अनुसार, साल 2026 में रमज़ान का महीना फरवरी के मध्य में शुरू होने की संभावना है। हालांकि, सऊदी अरब में रमज़ान की आधिकारिक शुरुआत हमेशा चांद दिखने के बाद ही घोषित की जाती है।
इसका मतलब यह है कि रमज़ान की अंतिम तारीख की पुष्टि चांद दिखने के बाद ही की जाएगी, जैसा कि सऊदी अरब की पारंपरिक चांद-दर्शन प्रणाली में होता है।
रमज़ान क्या है?
रमज़ान इस्लाम का नौवां और सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इसी महीने में पवित्र क़ुरआन का अवतरण पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद (ﷺ) पर हुआ था।
रमज़ान के दौरान मुसलमान सहरी से इफ्तार तक रोज़ा रखते हैं। इस दौरान खाने-पीने और अन्य शारीरिक आवश्यकताओं से परहेज़ किया जाता है और नमाज़, दान-खैरात, संयम और आत्मिक विकास पर विशेष जोर दिया जाता है।
सऊदी अरब में शाबान का चांद न दिखने के बाद इस्लामी कैलेंडर के अनुसार तारीखों में बदलाव हुआ है। अब रमज़ान 2026 की शुरुआत को लेकर निगाहें आने वाले हफ्तों में होने वाले चांद-दर्शन पर टिकी रहेंगी।
दुनियाभर के मुसलमानों के लिए रमज़ान केवल रोज़ों का महीना नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धता, सब्र और इबादत का विशेष अवसर होता है।
Tags:
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Verified as Web Developer
Founder & Lead Developer of Vews.in Furkan S Khan is a tech-driven entrepreneur and SEO expert specializing in AI-powered journalism. With a strong background in PHP and CodeIgniter 4, he built Vews.in to deliver fast, accurate, and automated global news. He is passionate about merging cutting-edge code with digital storytelling to redefine how the world consumes information.
Related Posts
सऊदी अरब में अरफा का रोजा 26 मई 2026 को, SPA ने की ई...
आने वाला इस्लामिक इवेंट: मिलादुन्नबी (मौलिद) - पैग़म...
Security Check
Please complete the captcha to verify you are human.
30°C Bahraich
INR
EUR
GBP
AED
SAR
AUD
CAD
PKR
BDT
QAR
KWD
OMR
Comments (0)