सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है नेतन्याहू का यह वीडियो
हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच तनाव अपने चरम पर था, जब ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें और वीडियो वायरल होने लगे। इन्हीं में से एक वीडियो इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से जुड़ा हुआ है, जिसमें उन्हें भागते हुए या किसी सुरक्षित जगह की ओर जाते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि यह नेतन्याहू के उस वक्त का वीडियो है, जब वे ईरान के हमले से बचने के लिए भाग रहे थे। लेकिन क्या वाकई यह वीडियो सच है?
चलिए, इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानते हैं और समझते हैं कि ईरान-इजरायल तनाव के बीच गलत सूचनाएं कैसे फैलती हैं।
वीडियो की असलियत क्या है?
तमाम दावों के बावजूद, यह वीडियो ईरान के हालिया हमले से बचकर भागने वाले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का नहीं है। द क्विंट सहित कई प्रतिष्ठित न्यूज़ एजेंसियों ने इस वीडियो की पड़ताल की है और पाया है कि यह पुराना है और इसका हालिया ईरान-इजरायल संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है।
तो फिर यह वीडियो कब और कहाँ का है?
- कब का है? यह वीडियो असल में मार्च 2023 का है।
- कहाँ का है? यह नेतन्याहू के इजरायल के यरूशलम के बाहरी इलाके में स्थित एक गाँव मेवो होरोन में साइनागॉग दौरे के समय का है।
- क्या दिख रहा है इसमें? वीडियो में नेतन्याहू अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ भीड़ के बीच से गुजरते हुए दिख रहे हैं। उस समय वह किसी हमले से नहीं भाग रहे थे, बल्कि एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जा रहे थे। भीड़ और सुरक्षा घेरा होने के कारण उनकी चाल थोड़ी तेज लग रही थी, जिसे कुछ लोगों ने गलत संदर्भ में ले लिया।
स्पष्ट है कि यह वीडियो एक साल से भी ज्यादा पुराना है और इसका हाल ही में हुए ईरान के हमलों से कोई संबंध नहीं है।
वायरल क्यों हुआ यह वीडियो?
यह सवाल वाजिब है कि एक साल पुराना वीडियो अचानक से क्यों वायरल हो गया और उसे गलत संदर्भ में क्यों परोसा गया?
- ईरान-इजरायल तनाव: हाल ही में 13 अप्रैल को ईरान ने इजरायल पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दागी थीं। यह हमला दमिश्क में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले के जवाब में किया गया था, जिसका आरोप इजरायल पर लगा था।
- तेज होती खबरें और जानकारी की भूख: ऐसे गंभीर तनाव के समय लोग खबरों और जानकारियों के लिए सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा निर्भर हो जाते हैं। इस दौरान सत्यापित और असत्यापित, दोनों तरह की खबरें तेजी से फैलती हैं।
- गलत सूचनाओं का प्रसार: कुछ लोग जानबूझकर या अनजाने में पुरानी तस्वीरों और वीडियो को नए संदर्भों में साझा कर देते हैं, जिससे गलत सूचनाएं फैलती हैं और भ्रम पैदा होता है। नेतन्याहू का यह वीडियो इसी तरह की गलत सूचना का एक उदाहरण है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कई बार ऐसे मौकों पर राजनीतिक या अन्य उद्देश्यों के लिए गलत जानकारी को हवा दी जाती है, जिससे स्थिति और भी जटिल हो सकती है।
निष्कर्ष: हर वायरल खबर पर आँख मूँद कर भरोसा न करें
नेतन्याहू के इस वायरल वीडियो की सच्चाई यही है कि यह पुराना है और इसका हालिया ईरान-इजरायल संघर्ष से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो एक बार फिर इस बात पर जोर देता है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाली हर जानकारी पर आँख मूँद कर भरोसा नहीं करना चाहिए।
- किसी भी खबर या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।
- विश्वसनीय न्यूज़ स्रोतों और फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट्स का सहारा लें।
दुनियाभर में चल रहे तनाव के बीच, सही जानकारी ही शांति और समझ बनाने में मदद कर सकती है, जबकि गलत सूचनाएं केवल भ्रम और भय को बढ़ाती हैं।