यह शायरी दिल टूटने के बाद एक व्यक्ति के बदले हुए मिजाज और रवैये को दर्शाती है। पहले की मोहब्ब्त और दर्द को छिपाकर, अब दुनिया के सामने एक अलग अंदाज़ पेश करने की कोशिश है। 'अज़ीज़' का अर्थ है प्रिय या प्यारा, और 'तजुर्बा' का अर्थ है अनुभव।