वीरान: सुनसान, कहर: मुसीबत या आफत, रूह: आत्मा। ज़वाल: पतन या अंत, मलाल: पछतावा या दुख।
हम और ज़िंदगी उदासी का मंज़र: एक दर्द भरी ग़ज़ल Zainab 1 hour ago उदासी और तन्हाई के अहसासात को बयां करती एक खूबसूरत ग़ज़ल। वीरान: सुनसान, कहर: मुसीबत या आफत, रूह: आत्मा। ज़वाल: पतन या अंत, मलाल: पछतावा या दुख। View Full Story & Comments Related Posts उदासी पर दिल छू लेने वाली शायरी - Furkan S Khan उड़ान की चाह - प्रेरणादायक हिंदी क़िता इश्क़ का करार: Furkan S Khan की दिल छू लेने वाली शायरी इश्क़ की रौशनी: दिल को छू लेने वाली नाज़्म | Furkan S K