प्रेम का रूहानी एहसास

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: संवार, निखार  |  Radeef: जाए
प्रेम है वो रूहानी एहसास, जो दिल में ठहर जाए, हर गम को भुलाकर, ज़िंदगी को संवार जाए। इसकी गहराइयों में डूबो तो पाओगे सुकून, हर पल को यह खुशियों से निखार जाए।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: समाई, आई  |  Radeef: हो
प्रेम वो खामोश ज़ुबां है, जो आँखों से बयां हो, हर धड़कन में जिसकी मीठी सी धुन समाई हो। ये वो बंधन है जो कभी टूटता नहीं, हर सांस में जिसकी खुशबू सी महक आई हो।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: महफ़िल, हासिल  |  Radeef: है
प्रेम एक सफ़र है, जिसमें खो जाना ही मंज़िल है, हर मोड़ पर मिलती नई सी एक महफ़िल है। न कोई राह मुश्किल, न कोई दूरी का गम, बस साथ हो तेरा, तो हर पल रंगीन और हासिल है।