उदासी का साया - Furkan S Khan की दिल छू लेने वाली कविता
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई 'उदासी का साया' कविता, दिल की गहराइयों से निकले गम और अकेलेपन का खूबसूरत बयान।
मन में एक उदासी है गहरी,
दिल पे है गम का एक पहरा,
हर ओर छाई है ये कैसी,
गम की एक अनजानी छाया।
Kaafiya गहरा, पहरा
Radeef छाया
F
Poetry ByFurkan S Khan
आँखों से आँसू बहता,
हर पल बस यही रहता,
दिल का दर्द कौन जाने,
बस आँखों का ये पानी।
Kaafiya बहता, रहता
Radeef पानी
F
Poetry ByFurkan S Khan
दिल में एक दर्द है गहरा,
सब कुछ जैसे है ठहरा,
बाहर से खामोश हूँ मैं,
अंदर है एक अनजाना शोर।
Kaafiya गहरा, ठहरा
Radeef शोर
F
Poetry ByFurkan S Khan
उदासी का साया
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: गहरा, पहरा | Radeef: छाया
मन में एक उदासी है गहरी,
दिल पे है गम का एक पहरा,
हर ओर छाई है ये कैसी,
गम की एक अनजानी छाया।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: बहता, रहता | Radeef: पानी
आँखों से आँसू बहता,
हर पल बस यही रहता,
दिल का दर्द कौन जाने,
बस आँखों का ये पानी।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: गहरा, ठहरा | Radeef: शोर
दिल में एक दर्द है गहरा,
सब कुछ जैसे है ठहरा,
बाहर से खामोश हूँ मैं,
अंदर है एक अनजाना शोर।
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