उदासी का साया - Furkan S Khan की दिल छू लेने वाली कविता

Furkan S Khan द्वारा लिखी गई 'उदासी का साया' कविता, दिल की गहराइयों से निकले गम और अकेलेपन का खूबसूरत बयान।

Saturday, August 29, 2026
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उदासी का साया - Furkan S Khan की दिल छू लेने वाली कविता
“उदासी का साया - Furkan S Khan की दिल छू लेने वाली कविता”
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https://www.vews.in/hum-aur-zindagi/udasi-ka-saya-heartfelt-poem-by-furkan-s-khan
Date
29 August 2026
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Qita By Furkan S Khan
मन में एक उदासी है गहरी, दिल पे है गम का एक पहरा, हर ओर छाई है ये कैसी, गम की एक अनजानी छाया।
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Qita By Furkan S Khan
आँखों से आँसू बहता, हर पल बस यही रहता, दिल का दर्द कौन जाने, बस आँखों का ये पानी।
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Qita By Furkan S Khan
दिल में एक दर्द है गहरा, सब कुछ जैसे है ठहरा, बाहर से खामोश हूँ मैं, अंदर है एक अनजाना शोर।

उदासी का साया

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: गहरा, पहरा  |  Radeef: छाया
मन में एक उदासी है गहरी, दिल पे है गम का एक पहरा, हर ओर छाई है ये कैसी, गम की एक अनजानी छाया।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: बहता, रहता  |  Radeef: पानी
आँखों से आँसू बहता, हर पल बस यही रहता, दिल का दर्द कौन जाने, बस आँखों का ये पानी।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: गहरा, ठहरा  |  Radeef: शोर
दिल में एक दर्द है गहरा, सब कुछ जैसे है ठहरा, बाहर से खामोश हूँ मैं, अंदर है एक अनजाना शोर।

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Zainab
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