डोर थमेगी: साँसों का अंत, जीवन का समाप्त होना मूँद जाएँगी: बंद हो जाएँगी दुनिया से परे: इस दुनिया की सीमाओं से बाहर, अलौकिक वजूद: अस्तित्व, पहचान पनाह लेती है: शरण लेती है, आश्रय पाती है गरचे: यद्यपि, भले ही रूह: आत्मा

फ़ानी: नश्वर, नाशवान, क्षणभंगुर मुसाफ़िर: यात्री, राहगीर लौ: ज्योति, आग की लपट मंज़र: दृश्य, नज़ारा रूह: आत्मा एहसास: अनुभव, भावना ज़ुबाँ: ज़बान, जीभ