ज़िंदगी का सफ़र

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: सहर, बशर, नज़र, गुज़र  |  Radeef: है
ये ज़िंदगी का सफ़र है, कभी धूप, कभी छाँव, हर पल एक नया तजुर्बा, सिखाता है ये दाँव। कभी हँसी, कभी आँसू, हर रंग इसमें समाया, ये ज़िंदगी का सफ़र है, खुदा का दिया साया। गिरते हैं, संभलते हैं, राहें बनाते चलते, कुछ खोते हैं, कुछ पाते हैं, यूँ ही मुस्कुराते चलते। हर मोड़ पर एक उम्मीद, हर लम्हे में एक आस, ये ज़िंदगी का सफ़र है, कभी न थकने की प्यास।

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: राग, आग, जाग, त्याग  |  Radeef: है
जीवन एक संगीत है, हर धड़कन एक ताल, कभी धीमा, कभी तेज़, बदलता रहता हाल। खुशियों का सुर छेड़ो, गमों को भी गाओ, जीवन एक संगीत है, हर पल को अपनाओ। रिश्तों की मधुरता, सपनों की उड़ान, संघर्षों की अग्नि में, तपता है ये जहान। हर पल को जियो खुल के, यही है सच्चा ज्ञान, जीवन एक संगीत है, हर पल है वरदान।