हौसलों की उड़ान: Furkan S Khan की प्रेरक शायरी

Furkan S Khan की यह शायरी आपको हर मुश्किल में हौसला रखने और कभी हार न मानने की प्रेरणा देती है।

Thursday, August 27, 2026
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हौसलों की उड़ान: Furkan S Khan की प्रेरक शायरी
“हौसलों की उड़ान: Furkan S Khan की प्रेरक शायरी”
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https://www.vews.in/hum-aur-zindagi/hauslon-ki-udaan-furkan-s-khans-motivational-shayari
Date
27 August 2026
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Shayari By Furkan S Khan
ये मंज़िलें भी झुकेंगी तेरी चाहत के आगे, बस हौसला बुलंद रख, तू हार न मानो। हर ठोकर सिखाएगी तुझे नया रास्ता, बस चलना न छोड़, तू हार न मानो।
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Shayari By Furkan S Khan
हर रात के बाद एक सवेरा आता है, ग़म के बाद सुख का बसेरा आता है। डर मत ऐ मुसाफ़िर, मंज़िल दूर नहीं, जो चलता है, उसी का ज़माना आता है।
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Shayari By Furkan S Khan
तूफ़ानों से लड़कर अपनी राह बनाते चलो, हर मुश्किल को हँसकर तुम हराते चलो। ये दुनिया तुम्हारी हिम्मत को देखेगी एक दिन, बस अपने सपनों को तुम सजाते चलो।

हौसलों की उड़ान

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: चाहत, छोड़  |  Radeef: तू हार न मानो
ये मंज़िलें भी झुकेंगी तेरी चाहत के आगे, बस हौसला बुलंद रख, तू हार न मानो। हर ठोकर सिखाएगी तुझे नया रास्ता, बस चलना न छोड़, तू हार न मानो।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: सवेरा, बसेरा, ज़माना  |  Radeef: आता है
हर रात के बाद एक सवेरा आता है, ग़म के बाद सुख का बसेरा आता है। डर मत ऐ मुसाफ़िर, मंज़िल दूर नहीं, जो चलता है, उसी का ज़माना आता है।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: बनाते, हराते, सजाते  |  Radeef: चलो
तूफ़ानों से लड़कर अपनी राह बनाते चलो, हर मुश्किल को हँसकर तुम हराते चलो। ये दुनिया तुम्हारी हिम्मत को देखेगी एक दिन, बस अपने सपनों को तुम सजाते चलो।

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Zainab
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