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ईर्ष्या की आग: दिल को छू लेने वाली हिन्दी शायरी

Furkan S Khan द्वारा रचित ईर्ष्या पर एक मार्मिक हिन्दी शायरी। दूसरों की खुशी देखकर दिल में उठने वाली जलन और बेचैनी का सुंदर वर्णन।

Wednesday, September 23, 2026
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ईर्ष्या की आग: दिल को छू लेने वाली हिन्दी शायरी
“ईर्ष्या की आग: दिल को छू लेने वाली हिन्दी शायरी”
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Date
23 September 2026
ईर्ष्या की आग: दिल को छू लेने वाली हिन्दी शायरी
चार पंक्तियों की शायरी
तुम्हारी खुशियों को देखकर मेरा दिल क्यों जलता है, ये कैसी ईर्ष्या है जो हर पल मुझे छलती है जब तुम हँसते हो तो मैं क्यों बेचैन हो जाता हूँ, मेरी आँखों में आँसू, पर दिल में दर्द पलता है
Kaafiya जले, चले Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

यह शायरी ईर्ष्या (जलन) की भावना को व्यक्त करती है। कवि अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रहा है कि वह दूसरों की खुशी देखकर क्यों दुखी हो जाता है। यह एक आंतरिक संघर्ष है जहाँ खुशी के बजाय ईर्ष्या हावी हो जाती है।

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Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

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