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प्रकृति का मौन संगीत: एक सुंदर क़ितात

Furkan S Khan द्वारा रचित 'प्रकृति का मौन संगीत' क़ितात प्रकृति की अद्भुत छटा और शांति का वर्णन करती है। प्रकृति प्रेम और सुकून का अनुभव कराती यह कविता।

Wednesday, September 23, 2026
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प्रकृति का मौन संगीत: एक सुंदर क़ितात
“प्रकृति का मौन संगीत: एक सुंदर क़ितात”
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23 September 2026
प्रकृति का मौन संगीत: एक सुंदर क़ितात
क़ितात
पर्वत की ऊँची चोटी पर, एक अनूठी आभा है धूप की सुनहरी किरणों में, प्रकृति की सुरम्य छाया है नदियों की कलकल ध्वनि में, जीवन का संगीत समाया है हरे-भरे वृक्षों की गोद में, शांत सुकून की काया है हर कण में ईश्वर का वास, यह अद्भुत माया है मन को मोह लेती है यह छटा, जो मन को भाई है
Kaafiya छाया, काया Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

यह क़ितात प्रकृति की सुंदरता और उसके शांत, सुकून देने वाले प्रभाव का वर्णन करती है। ऊँचे पर्वत, सुनहरी धूप, नदियों का संगीत और हरे-भरे वृक्ष मिलकर एक अद्भुत दृश्य बनाते हैं। प्रकृति की यह छटा मन को मोह लेती है और उसमें ईश्वर की उपस्थिति का अहसास कराती है। यह कविता प्रकृति के साथ एकाकार होने और उसकी शांति को महसूस करने का एक सुंदर चित्रण है।

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Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

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